उत्तर प्रदेश

अब नहीं लगाने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर, बकाया किश्तों पर ब्याज में भी भारी छूट

उत्तर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अपना खुद का छोटा मकान या प्लॉट बनाने का सपना देखने वाले लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए राज्य सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अक्सर देखा जाता है कि छोटे भूखंडों (Small Plots) के आवंटन, रजिस्ट्री, नक्शा पास कराने या बकाया किश्तों के भुगतान को लेकर आम लोगों को महीनों और सालों तक सरकारी विभागों, विकास प्राधिकरणों (Development Authorities) और आवास विकास परिषदों के चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होते थे। आम जनता की इन परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक क्रांतिकारी और जनहितैषी फैसला लिया है, जिसके तहत अब छोटे प्लॉट धारकों को दफ्तरों के चक्कर काटने से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी और सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से आसान व पारदर्शी बना दी गई हैं। इतना ही नहीं, सरकार ने कोविड काल या अन्य कारणों से अटकी हुई बकाया किश्तों पर लगने वाले भारी-भरकम ब्याज और पेनल्टी में भी भारी छूट देने का बड़ा ऐलान किया है, जिससे राज्य के लाखों छोटे प्लॉट मालिकों को करोड़ों रुपये की सीधी आर्थिक राहत मिलने वाली है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हाउसिंग डिपार्टमेंट और आवास विकास परिषद द्वारा लाई गई इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों को घर के कागजात और मालिकाना हक पाने में आने वाली अड़चनों को दूर करना है। अक्सर छोटे प्लॉट खरीदने वाले लोग जब किश्तों का भुगतान समय पर नहीं कर पाते थे, तो उन पर कंपाउंड इंटरेस्ट (Compound Interest) और भारी पेनल्टी लग जाती थी, जिससे मूल रकम से ज्यादा ब्याज का बोझ उनके सिर पर आ जाता था। इस नई वन-टाइम सेटलमेंट (One-Time Settlement) और ब्याज माफी योजना के तहत अब लोग बेहद आसानी से अपने प्लॉट का पूरा भुगतान करके उसकी रजिस्ट्री अपने नाम करा सकेंगे। आइए विस्तार से जानते हैं कि सरकार के इस नए फैसले से आम जनता को क्या-क्या बड़े फायदे मिलने वाले हैं और इसके लिए क्या प्रक्रिया तय की गई है।

ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से खत्म हुए सरकारी दफ्तरों के चक्कर

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद अब एलडीए (LDA), यूपी आवास विकास परिषद और अन्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों से जुड़ी ज्यादातर सेवाएं पूरी तरह से ऑनलाइन (Online Portal) कर दी गई हैं। अब छोटे प्लॉट धारकों को अपनी बकाया किश्तों की जानकारी लेने, बिल जमा करने या नाम ट्रांसफर (Mutation) कराने के लिए बाबुओं और दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घर बैठे पोर्टल के जरिए ही सारी प्रक्रियाएं कुछ ही क्लिक में पूरी हो जाएंगी। सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी विकास प्राधिकरणों में छोटे प्लॉट धारकों की शिकायतों के निपटारे के लिए एक विशेष सिंगल विंडो सिस्टम (Single Window System) बनाया जाए, ताकि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।

ब्याज और पेनल्टी में छूट का लाभ कैसे उठाएं?

बकाया किश्तों पर मिलने वाली इस विशेष छूट के तहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो लोग एकमुश्त भुगतान (Lump sum payment) करेंगे, उनके ब्याज का बड़ा हिस्सा माफ कर दिया जाएगा। योजना का लाभ उठाने के लिए आवंटी सीधे अपने संबंधित विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर या नजदीकी शिविरों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद से उत्तर प्रदेश के घर खरीदारों और छोटे निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई है, और इसे आगामी चुनावों से पहले सरकार का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

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