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अमेरिका में प्रलय मचाने आ रहा सुपर टाइफून ‘बावी’, 280KM की रफ्तार वाली हवाओं से कांपे द्वीप; रेड अलर्ट के बाद सड़कें हुई सुनसान!

प्रशांत महासागर से उठे बेहद विनाशकारी और खूंखार सुपर टाइफून 'बावी' (Super Typhoon Bavi) ने अमेरिका के प्रशांत द्वीपों पर भीषण तबाही मचानी शुरू कर दी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तूफान की मारक क्षमता कैटेगरी-5 के सबसे खतरनाक हरिकेन के बराबर है, जिसके प्रभाव से 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल रही हैं. तूफान के विकराल रूप को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.

गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीप पर सबसे बड़ा खतरा, घरों में कैद हुए लोग

एएफपी (AFP) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महातूफान का सबसे ज्यादा रौद्र रूप गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीप समूह पर देखने को मिल रहा है, जहां की कुल आबादी करीब 2 लाख 10 हजार है. रविवार देर रात से ही इन द्वीपों पर मूसलाधार बारिश और थपेड़े मारने वाली हवाएं शुरू हो चुकी हैं. नेशनल वेदर सर्विस (NWS) द्वारा रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें, जिसके चलते दोनों द्वीपों की सड़कें पूरी तरह सुनसान हो गई हैं.

इमारतों के ढहने और हफ्तों तक बिजली गुल रहने की बड़ी चेतावनी

जॉइंट टाइफून वार्निंग सेंटर के मुताबिक, सोमवार सुबह यह सुपर टाइफून पश्चिम दिशा की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा. अधिकारियों ने रोटा द्वीप के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है. प्रशासन का कहना है कि यदि यह तूफान रोटा द्वीप के केंद्र से टकराया, तो बड़े पैमाने पर पक्के मकान और इमारतें ध्वस्त हो सकती हैं, जो कई हफ्तों तक रहने लायक नहीं बचेंगी. इसके अलावा, बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने से पूरा क्षेत्र कई दिनों तक पूरी तरह से अंधेरे में डूब सकता है.

रोटा द्वीप के मेयर ने की एकजुट रहने की अपील, उड़ानों पर लगा ब्रेक

खतरे की गंभीरता को देखते हुए रोटा द्वीप के मेयर ऑब्री होकोग ने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा है कि इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सभी को एकजुट होकर अपने परिवारों और पड़ोसियों की रक्षा करनी होगी. इस बीच, सुपर टाइफून 'बावी' के चलते गुआम की सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (Flights) पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं, जिससे वहां आए सैकड़ों पर्यटक होटलों में फंस गए हैं. वहीं, स्थानीय निवासियों में इस बात का डर बैठ गया है कि कई दिनों तक घरों में कैद रहने के कारण उनकी आजीविका पूरी तरह ठप हो जाएगी.

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