उत्तर प्रदेश

अयोध्या राम मंदिर के नाम पर ‘चंदे का खेल’: फर्जी रसीद थमाकर ऐसे लूट रहे थे जालसाज, हैरान कर देगा ठगी का यह नया तरीका

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही देश भर के राम भक्तों में दान करने की होड़ मची है। लेकिन इसी आस्था का फायदा उठाकर कुछ शातिर अपराधियों ने ठगी का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया है। पुलिस ने एक ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश किया है जो राम मंदिर के नाम पर फर्जी रसीद बुक छपवाकर लोगों से मोटा चंदा वसूल रहा था। हैरान करने वाली बात यह है कि ये ठग केवल ऑनलाइन माध्यमों से ही नहीं, बल्कि बकायदा पर्ची काटकर ऑफलाइन तरीके से भी लोगों की जेबें खाली कर रहे थे। जो भी श्रद्धालु श्रद्धा भाव से दान देना चाहता था, उसे ये आरोपी फर्जी रसीद थमा देते थे।

आस्था के नाम पर ऐसे बुना जालसाजों ने ताना-बाना

जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। इन जालसाजों ने बिल्कुल असली दिखने वाले ट्रस्ट के नाम और लोगो (Logo) का इस्तेमाल करके हूबहू वैसी ही रसीदें तैयार करवा ली थीं। वे सीधे आम लोगों, दुकानदारों और स्थानीय कॉलोनियों में जाकर राम मंदिर निर्माण और धार्मिक आयोजनों के नाम पर चंदा मांगते थे। जब कोई व्यक्ति अपनी श्रद्धा के अनुसार 100 रुपये से लेकर हजारों रुपये तक का गुप्त दान देता, तो ये आरोपी तुरंत उसे एक 'पक्की पर्ची' काटकर थमा देते थे ताकि किसी को कोई शक न हो। इस फर्जीवाड़े की वजह से लाखों रुपये सीधे ट्रस्ट के खाते में जाने के बजाय इन अपराधियों की जेब में जा रहे थे।

केवल चंदे की रकम ही नहीं, डेटा भी हो रहा था चोरी

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। यह गिरोह सिर्फ चंदे के पैसों तक ही सीमित नहीं था; रसीद काटते समय ये श्रद्धालुओं के नाम, मोबाइल नंबर, पता और उनकी बैंकिंग डिटेल्स जैसी बेहद संवेदनशील जानकारियां भी नोट कर लेते थे। इस डेटा का इस्तेमाल भविष्य में बड़े साइबर फ्रॉड या बैंक खातों को हैक करने के लिए किए जाने की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि अयोध्या प्रशासन और साइबर सेल ने देश भर के लोगों को अलर्ट जारी किया है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को राम मंदिर के नाम पर नकद या किसी अनधिकृत रसीद पर चंदा न दें।

फर्जी चंदे और ठगी से कैसे बचाएं अपनी गाढ़ी कमाई?

अगर आप भी प्रभु श्री राम के मंदिर के लिए अपना योगदान देना चाहते हैं, तो हमेशा सतर्क रहें। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि चंदा देने के लिए केवल उनकी आधिकारिक वेबसाइट या बैंक खातों का ही उपयोग करें। किसी भी स्थानीय व्यक्ति या अनधिकृत संस्था को नकद भुगतान करने से बचें। यदि कोई आपके पास रसीद बुक लेकर आता है, तो सबसे पहले उस पर दिए गए क्यूआर कोड (QR Code) और रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच कर लें। आपकी एक छोटी सी सावधानी न केवल आपकी गाढ़ी कमाई को लुटने से बचाएगी, बल्कि इस तरह के धार्मिक फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगाएगी।

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