असम के नाइटक्लब में महिला से दरिंदगी: बाल पकड़े, कपड़े खींचे और बेसमेंट में घसीटा; पुलिस ने बाउंसर सहित 7 को दबोचा

असम की राजधानी गुवाहाटी के पॉश इलाके में स्थित एक नाइटक्लब से इंसानियत को शर्मसार करने वाली रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। वीकेंड की देर रात पार्टी करने गई एक युवती के साथ क्लब परिसर के भीतर न केवल बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि उसके कपड़े खींचे गए, बाल पकड़कर उसे सीढ़ियों से नीचे बेसमेंट में घसीटा गया और गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़िता की चीख-पुकार सुनकर भी मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड और स्टाफ मूकदर्शक बने रहे, उल्टे सुरक्षा के नाम पर तैनात निजी सुरक्षाकर्मियों पर ही इस जघन्य कृत्य में मुख्य भूमिका निभाने के संगीन आरोप लगे हैं। घटना के तूल पकड़ते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बाउंसर और क्लब स्टाफ समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
बेसमेंट में घसीटकर की गई बर्बरता: जानें क्या है पूरा मामला
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई आधिकारिक तहरीर के अनुसार, वह अपने दोस्तों के साथ वीकेंड नाइट पर क्लब में आई थी। पार्टी के दौरान किसी मामूली बात को लेकर क्लब के कर्मचारियों से हल्की बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सुरक्षा में तैनात बाउंसरों और क्लब प्रबंधन के लोगों ने आपा खो दिया। आरोप है कि महिला के साथ पहले भद्दी और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद कई पुरुषों ने मिलकर उस पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, दरिंदगी की हद पार करते हुए आरोपियों ने महिला के बाल पकड़ लिए, जबरन उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की और सीढ़ियों से घसीटते हुए उसे क्लब के अंधेरे बेसमेंट क्षेत्र में ले गए, जहां उसके साथ लात-घूंसों से बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस का शिकंजा: 7 आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और लहूलुहान व सहमी हुई हालत में पीड़िता को बचाया। पुलिस ने तुरंत युवती को नजदीकी सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। इसके बाद पुलिस टीम ने क्लब में लगे सभी क्लोज सर्किट टेलीविजन (CCTV) कैमरों के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को अपनी कस्टडी में ले लिया। सीसीटीवी फुटेज में कैद फुटेज और पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। रातभर चले धरपकड़ अभियान के दौरान क्लब के मुख्य बाउंसर, फ्लोर मैनेजर और अन्य सहायक कर्मचारियों सहित 7 आरोपियों को धर दबोचा गया।
नाइटक्लबों में महिलाओं की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
गुवाहाटी के प्रमुख कमर्शियल हब में घटी इस खौफनाक वारदात ने महानगरों और उभरते शहरों के पब व नाइटक्लब कल्चर में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिक संगठनों, महिला सुरक्षा कार्यकर्ताओं और आम लोगों में इस घटना को लेकर जबर्दस्त आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा के लिए नियुक्त किए गए बाउंसर ही जब रक्षक से भक्षक बन जाएं, तो आम नागरिक कहां सुरक्षित महसूस करेंगे। असम राज्य महिला आयोग ने भी इस पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन का कड़ा रुख: क्लब का लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
शहर के आला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से इस पूरे मामले की जांच एक विशेष टीम (SIT) को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, स्थानीय नगर निगम और आबकारी विभाग को संबंधित नाइटक्लब का वाणिज्यिक और बार लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित या रद्द करने के लिए आधिकारिक पत्र भेजा जा रहा है। जांच में यह भी परखा जा रहा है कि क्या क्लब निर्धारित समय सीमा के बाद भी अवैध रूप से संचालित हो रहा था और क्या निजी सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से तैनात किए गए बाउंसरों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया था या नहीं।