असम के मंत्री की बेटी ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा: गुवाहाटी में छात्रों के समर्थन में दिबिसा महंत ने की नारेबाजी

असम की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब भाजपा नीत एनडीए गठबंधन के प्रमुख सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री केशव महंत की बेटी दिबिसा महंत छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। गुवाहाटी में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलनों के समर्थन में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान दिबिसा ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
छात्रों पर लाठीचार्ज और कार्रवाई पर जताई कड़ी नाराजगी
विरोध स्थल पर मौजूद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए दिबिसा महंत ने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उनके आंदोलन को हिंसक बना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद कर रहे युवाओं पर पुलिस बल प्रयोग किया गया, लाठीचार्ज हुआ और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बावजूद छात्रों ने अपना आंदोलन वापस नहीं लिया, जो उनकी हिम्मत और इरादों की मजबूती को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दी प्रतिक्रिया
इस पूरे प्रकरण पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का बयान सामने आया है। सीएम सरमा ने कहा कि जब बच्चे वयस्क हो जाते हैं, तो उनके व्यक्तिगत विचारों या गतिविधियों के लिए माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार के सदस्य भी अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा रख सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह किसी भी व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान दिबिसा से इस विषय पर बातचीत करेंगे, लेकिन ऐसे मामलों को लेकर संबंधित मंत्रियों पर निशाना साधना ठीक नहीं है।