आपके कमरे में छिपे ये 5 गैजेट्स चुपके से निगल रहे हैं इलेक्ट्रिसिटी, रोजाना इस्तेमाल होने वाला 1 उपकरण है सबसे बड़ा ‘विलेन’

अक्सर देखा जाता है कि लोग बिजली का बिल कम करने के लिए घर का एयर कंडीशनर (AC) कम चलाते हैं, पंखे की स्पीड घटा देते हैं और लाइट-बल्ब बंद करने में बेहद सतर्कता बरतते हैं। लेकिन इसके बावजूद जब महीने के आखिर में बिजली का बिल आता है, तो उसके आंकड़े देखकर होश उड़ जाते हैं। आखिर ऐसा क्यों होता है? विज्ञान और टेक्नोलॉजी की भाषा में इसे 'फैंटम लोड' (Phantom Load) या 'वैम्पायर पावर' (Vampire Power) कहा जाता है। यह वह बिजली है जिसे आपके घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बिना किसी उपयोग के, बंद या स्टैंडबाय मोड में रहने के बावजूद चुपचाप खींचते रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सर्वेक्षणों के अनुसार, किसी भी सामान्य घर के कुल बिजली बिल का लगभग 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा केवल इस फैंटम लोड के कारण आता है। आपके घर में कई ऐसे आधुनिक गैजेट्स मौजूद हैं जो स्विच बोर्ड से मेन पावर ऑफ न किए जाने पर दिन-रात बिजली की खपत कर रहे हैं, और इनमें से एक उपकरण तो ऐसा है जिसका इस्तेमाल आपके घर में हर single दिन बिना रुके होता है।
1. वाई-फाई राउटर और सेट-टॉप बॉक्स: चौबीसों घंटे चलने वाला सबसे बड़ा 'साइलेंट विलेन'
आपके घर का वह एक गैजेट जो 365 दिन और 24 घंटे बिना किसी ब्रेक के लगातार चलता रहता है, वह है आपका इंटरनेट वाई-फाई राउटर (Wi-Fi Router) और टीवी का सेट-टॉप बॉक्स (Set-Top Box)। अधिकांश घरों में वाई-फाई का मेन स्विच कभी बंद ही नहीं किया जाता। लोग सोचते हैं कि राउटर तो बहुत छोटा सा उपकरण है, यह कितनी ही बिजली खाएगा? लेकिन हकीकत यह है कि एक सामान्य वाई-फाई राउटर और सेट-टॉप बॉक्स मिलकर रोजाना 15 से 30 वॉट की निरंतर बिजली खपत करते हैं।
यदि आपका राउटर और टीवी सेट-टॉप बॉक्स चौबीसों घंटे ऑन रहता है, तो यह महीने में लगभग 15 से 20 यूनिट बिजली सिर्फ स्टैंडबाय में बर्बाद कर देता है। टीवी को रिमोट से बंद करने के बाद भी सेट-टॉप बॉक्स अंदरूनी तौर पर सिग्नल रिसीव करने और सॉफ्टवेयर अपडेट करने के लिए पावर खींचता रहता है। अगर आप रात को सोते समय वाई-फाई राउटर और सेट-टॉप बॉक्स का प्लग मेन बोर्ड से बंद करने की आदत डाल लें, तो आप हर साल अपने बिजली बिल में अच्छी-खासी बचत कर सकते हैं।
2. स्मार्ट टीवी और गेमिंग कंसोल: 'स्टैंडबाय मोड' का खतरनाक धोखा
आजकल लगभग हर घर में एंड्रॉयड या स्मार्ट टीवी, एम्प्लीफायर, साउंडबार और प्लेस्टेशन (PlayStation) या एक्सबॉक्स (Xbox) जैसे गेमिंग कंसोल मौजूद हैं। अधिकांश लोगों की आदत होती है कि वे टीवी को केवल रिमोट का लाल बटन दबाकर बंद कर देते हैं और दीवार पर लगे मेन स्विच ऑन छोड़ देते हैं। जब टीवी या गेमिंग कंसोल स्टैंडबाय मोड (Standby Mode) में होता है, तो वह पूरी तरह से बंद नहीं होता।
स्मार्ट टीवी का वाई-फाई मॉड्यूल, एआई फीचर्स और क्विक-स्टार्ट सेंसर्स रिमोट के सिग्नल का इंतजार करने के लिए लगातार पावर खींचते हैं। गेमिंग कंसोल तो बैकग्राउंड में गेम्स अपडेट करने और क्लाउड सिंक करने के चक्कर में 10 से 20 वॉट तक बिजली लगातार निगलते रहते हैं। रिमोट से बंद किया गया टीवी बाहर से तो बंद दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर आपका बिजली का मीटर घुमाता रहता है।
3. माइक्रोवेव ओवन और किचन चिमनी: डिजिटल क्लॉक और सेंसर्स की अदृश्य खपत
रसोईघर में इस्तेमाल होने वाला माइक्रोवेव ओवन और इलेक्ट्रिक चिमनी भी आपके बिजली बिल के गुप्त अपराधी हैं। माइक्रोवेव का इस्तेमाल दिन में शायद 10 या 15 मिनट के लिए खाना गर्म करने के लिए होता है, लेकिन इसका प्लग 24 घंटे सॉकेट में लगा रहता है। माइक्रोवेव के डिस्प्ले पर जलने वाली हरी या लाल रंग की डिजिटल घड़ी (Digital Clock) और कंट्रोल पैनल हर सेकंड बिजली का इस्तेमाल करते हैं।
वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि एक माइक्रोवेव ओवन अपनी पूरी लाइफसाइकिल में खाना पकाने में जितनी बिजली खर्च करता है, उससे कहीं ज्यादा बिजली वह बंद पड़े-पड़े केवल अपनी डिजिटल घड़ी चलाने और स्टैंडबाय मोड में रहने में उड़ा देता है। इसी तरह टच सेंसर वाली आधुनिक किचन चिमनी भी मेन स्विच ऑन रहने पर लगातार बिजली सोखती रहती है।
4. सॉकेट में लगे छूटे चार्जर: फोन निकालने के बाद भी बहती रहती है बिजली
स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट, ट्रिमर और स्मार्टवॉच के चार्जर को चार्जिंग खत्म होने के बाद भी सॉकेट में लगा छोड़ देना हम सबकी एक बेहद आम आदत बन चुकी है। हम फोन तो केबल से निकाल लेते हैं, लेकिन दीवार में लगे स्विच को बंद करना भूल जाते हैं।
चार्जर के भीतर एक छोटा ट्रांसफॉर्मर और सर्किट होता है। जब चार्जर का स्विच ऑन रहता है और उससे कोई डिवाइस कनेक्ट नहीं होता, तब भी वह हल्की गर्मी पैदा करता है और बिजली (अॉफ़-लोड पावर) खींचता रहता है। भले ही एक चार्जर बहुत कम बिजली खींचे, लेकिन अगर आपके घर में 4-5 सदस्यों के मोबाइल और लैपटॉप चार्जर दिन-रात बोर्ड में ऑन लगे रहेंगे, तो महीने के अंत में यह एक मापने योग्य बिजली की बर्बादी बन जाती है।
5. वॉटर गीजर और आरओ वाटर प्यूरीफायर: ऑटो-कट के बावजूद बिजली खपत का खेल
बाथरूम में लगा इलेक्ट्रिक वॉटर गीजर और किचन का वॉटर प्यूरीफायर (RO) भी भारी बिजली बिल के बड़े कारण हैं। कई लोग गीजर या आरओ का स्विच हमेशा ऑन रखते हैं, यह सोचकर कि इनमें 'ऑटो-कट' (Auto-Cut) टेक्नोलॉजी लगी है और पानी गर्म या फिल्टर होने के बाद बिजली अपने आप बंद हो जाती है।
लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि गीजर के टैंक में रखा पानी जब कुछ घंटों बाद धीरे-धीरे ठंडा होता है, तो उसका थर्मोस्टेट (Thermostat) खुद-ब-खुद चालू हो जाता है और पानी को दोबारा गर्म करने के लिए 1500 से 2000 वॉट का भारी लोड खींचता है। यह साइकिल दिन भर में कई बार दोहराई जाती है। इसी तरह आरओ प्यूरीफायर का यूवी लैंप और टैंक सेंसर भी मेन स्विच ऑन रहने पर लगातार एक्टिव रहते हैं, जिससे बेवजह बिजली का बिल बढ़ता है।
फैंटम लोड से कैसे बचें? बिजली बिल घटाने के 4 आसान और असरदार उपाय
अगर आप अपने घर के बिजली बिल को 15 से 20 प्रतिशत तक कम करना चाहते हैं, तो आपको अपने घर से इस फैंटम लोड को खत्म करना होगा:
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मास्टर स्विच बोर्ड या स्ट्रिप का उपयोग करें: टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, साउंडबार और गेमिंग कंसोल को एक ही पावर स्ट्रिप (Multi-plug) से जोड़ें। जब टीवी देखना बंद करें, तो पावर स्ट्रिप का एक ही मेन बटन बंद कर दें।
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स्मार्ट प्लग (Smart Plugs) लगाएं: अपने वाई-फाई राउटर या गीजर के साथ स्मार्ट प्लग का इस्तेमाल करें। इसमें आप टाइमर सेट कर सकते हैं ताकि रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक राउटर अपने आप बंद हो जाए।
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चार्जर निकालने की आदत डालें: फोन या लैपटॉप 100% चार्ज होते ही सॉकेट का स्विच तुरंत बंद करें और चार्जर को बाहर निकाल दें।
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इलेक्ट्रिक उपकरणों की स्टार रेटिंग देखें: कोई भी नया होम एप्लायंस खरीदते समय उस पर लगे BEE 5-स्टार लेबल को जरूर देखें और 'लो स्टैंडबाय पावर' वाले गैजेट्स का ही चयन करें।