आयुष म्हात्रे फिर हुए चोटिल: मुंबई के नए उप-कप्तान 6 हफ्ते के लिए मैदान से बाहर

भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे होनहार युवा बल्लेबाजों में शुमार आयुष म्हात्रे को रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन के पहले ही मुकाबले में एक बहुत बड़ा झटका लगा है। मुंबई के नवनियुक्त उप-कप्तान आयुष म्हात्रे के दाहिने पैर के हैमस्ट्रिंग में ग्रेड 4 टियर का गंभीर मामला सामने आया है। इस नई और दर्दनाक चोट के कारण 19 वर्षीय यह स्टार बल्लेबाज अगले चार से छह हफ्तों के लिए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से पूरी तरह बाहर हो गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि म्हात्रे हाल ही में बेंगलुरु स्थित भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में पूरे तीन महीने का लंबा और सघन रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम पूरा करके मैदान पर लौटे थे। वापसी के तुरंत बाद इस तरह की गंभीर चोट लगने से बीसीसीआई की फिटनेस मॉनिटरिंग, वर्कलोड मैनेजमेंट और मंजूरी देने की वैज्ञानिक प्रक्रिया एक बार फिर क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों की पैनी जांच के घेरे में आ गई है।
आईपीएल की पुरानी चोट से उबरकर लौटे थे म्हात्रे, अब दूसरे पैर में लगा ग्रेड 4 टियर का झटका
आयुष म्हात्रे के साथ चोट का यह सिलसिला नया नहीं है, बल्कि कुछ महीने पहले से चला आ रहा है। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के दौरान पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए खेलते हुए 18 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ बल्लेबाजी करते समय उनके बाएं पैर के हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आ गया था। उस चोट के कारण म्हात्रे को आईपीएल 2026 के पूरे बाकी बचे सत्र से बाहर बैठना पड़ा था। इसके बाद उन्हें रिकवरी और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लिए सीधे बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी यानी नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजा गया था, जहां उन्होंने लगभग 90 दिन बिताकर मैच फिटनेस हासिल की थी। हालांकि इस बार की चोट उनके पहले से चोटिल बाएं पैर में नहीं, बल्कि दाहिने पैर के हैमस्ट्रिंग में हुई है, जो सीधे तौर पर ग्रेड 4 स्तर का घातक टियर है। मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेड 4 टियर में रिकवरी काफी जटिल होती है और खिलाड़ी की वापसी पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि उनका शरीर नए सिरे से चलने वाले इलाज और फिजियोथेरेपी पर कैसा असर दिखाता है।
चंडीगढ़ के खिलाफ वानखेड़े में लगी चोट, मुंबई के घरेलू अभियान को लगा बड़ा झटका
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ खेले गए रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप डी के पहले मुकाबले के दौरान घटी। मैदान पर फील्डिंग के दौरान दर्द से जूझने के बाद म्हात्रे को मैदान छोड़ना पड़ा और उनकी जगह स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में सुवेद पारकर ने फील्डिंग का जिम्मा संभाला। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने मौजूदा घरेलू सत्र से ठीक पहले आयुष म्हात्रे की असाधारण बल्लेबाजी प्रतिभा और सूझबूझ को देखते हुए उन्हें टीम का उप-कप्तान नियुक्त किया था, ताकि वे शीर्ष क्रम में अधिक जिम्मेदारी संभाल सकें। अब उनकी अचानक गैरमौजूदगी ने मुंबई की बल्लेबाजी रणनीति को बैकफुट पर धकेल दिया है। आने वाले कई हफ्तों तक चलने वाले अहम रणजी मुकाबलों में मुंबई को अपने इस मुख्य बल्लेबाज के बिना ही मैदान में उतरना पड़ेगा, जिससे चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के सामने शीर्ष क्रम के संयोजन को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है।
मुंबई ने चंडीगढ़ को पारी और 155 रनों से रौंदा, सिद्धेश लाड और शम्स मुलानी चमके
म्हात्रे की चोट की निराशा के बीच मैदान पर मुंबई की टीम ने अपने पहले ही रणजी मैच में दबदबा बनाते हुए चंडीगढ़ को एक पारी और 155 रनों के भारी अंतर से हरा दिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई की टीम ने अपनी पहली पारी में 429 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इस मजबूत पारी की नींव अनुभवी सिद्धेश लाड ने 86 रन और मुशीर खान ने 65 रन बनाकर रखी। वहीं निचले क्रम में तनुश कोटियन के 58 रन और मोहित अवस्थी के नाबाद 56 रनों के तेजतर्रार योगदान ने टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। इसके जवाब में चंडीगढ़ की पहली पारी मुंबई की कसी हुई गेंदबाजी के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 78 रनों पर सिमट गई, जिसके चलते मुंबई को 351 रनों की बहुत बड़ी बढ़त मिली और चंडीगढ़ को फॉलो-ऑन खेलने पर मजबूर होना पड़ा।
तीन दिन में मैच खत्म कर मुंबई ने बटोरे बोनस अंक, तनुश और मुलानी की फिरकी का जादू
फॉलो-ऑन मिलने के बाद दूसरी पारी में भी चंडीगढ़ के बल्लेबाज मुंबई की अनुशासित गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सके और पूरी टीम दूसरी पारी में केवल 196 रन बनाकर ढेर हो गई। मुंबई के स्पिनरों ने मैच के तीसरे ही दिन खेल खत्म कर दिया। बाएं हाथ के स्पिनर शम्स मुलानी ने 69 रन देकर तीन बहुमूल्य विकेट चटकाए, जबकि बल्ले से अर्धशतक जमाने वाले तनुश कोटियन ने गेंद से भी कमाल करते हुए मात्र 30 रन देकर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इस एकतरफा प्रदर्शन के दम पर मुंबई ने महज तीन दिन के भीतर मुकाबला अपने नाम कर लिया और सीजन की अपनी पहली धमाकेदार जीत दर्ज करने के साथ ही पूरे बोनस अंक भी अपनी झोली में डाल लिए।