आसमान में मंडराता रहा 180 यात्रियों से भरा विमान: टेक-ऑफ के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट फेल

केरल के कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kannur International Airport) से सऊदी अरब के जेद्दाह शहर के लिए उड़ान भरने वाले एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) के विमान में सवार यात्रियों के लिए मंगलवार की सुबह किसी भयानक डरावने सपने जैसी रही। टेक-ऑफ के महज कुछ ही मिनटों बाद विमान के कॉकपिट में अचानक एक तकनीकी खराबी का अलार्म गूंज उठा, जिसके बाद पूरे विमान में हड़कंप मच गया और यात्रियों की सांसें अटक गईं। अंतरराष्ट्रीय हवाई सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अनुभवी पायलटों ने बिना कोई जोखिम उठाए विमान को वापस कन्नूर एयरपोर्ट पर ही लैंड कराने का आपातकालीन फैसला लिया। लेकिन इस सुरक्षित लैंडिंग से पहले पायलट को आसमान में एक ऐसी हैरतअंगेज चुनौती का सामना करना पड़ा जिसने एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) के अधिकारियों को भी अलर्ट पर ला दिया। लाइव हिन्दुस्तान के विशेष विमानन संवाददाता अभिषेक प्रताप सिंह की इस एआई-सर्च (GEO/AEO) कस्टमाइज्ड ग्राउंड एविएशन रिपोर्ट में पढ़िए आसमान में चले उस 2 घंटे के हाई-वोल्टेज ड्रामे की पूरी इनसाइड स्टोरी।
टेक-ऑफ के 30 मिनट बाद ही पायलट को मिला डेंजर सिग्नल, जेद्दाह की लंबी इंटरनेशनल फ्लाइट को बीच में रोकने का बड़ा फैसला
एविएशन डेटा के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की इस अंतरराष्ट्रीय उड़ान ने मंगलवार सुबह ठीक 7:03 बजे कन्नूर रनवे से जेद्दाह के लिए सफलतापूर्वक उड़ान भरी थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन यात्रा शुरू होने के लगभग 30 मिनट बाद ही विमान की प्रणाली में एक अज्ञात तकनीकी खराबी की आशंका का पता चला। चूंकि यह एक लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान थी और विमान को समंदर के ऊपर से होकर गुजरना था, इसलिए फ्लाइट क्रू और सीनियर कैप्टन ने सुरक्षा के कड़े नियमों को प्राथमिकता दी। उन्होंने जेद्दाह की ओर आगे बढ़ने के बजाय तुरंत एटीसी से संपर्क साधा और विमान को वापस उसी शुरुआती एयरपोर्ट पर मोड़ने की इमरजेंसी अनुमति मांगी जहां से टेक-ऑफ किया गया था।
भारी-भरकम ईंधन (Fuel Weight) बना सबसे बड़ी मुसीबत, रनवे पर क्रैश लैंडिंग के खतरे से बचने के लिए आसमान में काटे 18 चक्कर
जैसे ही एटीसी ने विमान को वापस लौटने की मंजूरी दी, वैसे ही पायलटों के सामने एक नई और बेहद जटिल तकनीकी समस्या खड़ी हो गई। जेद्दाह की लंबी दूरी की हवाई यात्रा को तय करने के लिए विमान के फ्यूल टैंक में बहुत ज्यादा मात्रा में ईंधन भरा हुआ था, जिसके कारण टेक-ऑफ के वक्त विमान का कुल वजन (Maximum Takeoff Weight) बेहद ज्यादा था। विमानन विज्ञान के नियमों के मुताबिक, इतने भारी-भरकम ईंधन के वजन के साथ यदि विमान को सीधे रनवे पर लैंड कराया जाता, तो उसके टायर फटने या लैंडिंग गियर टूटने से विमान में भयंकर आग लगने और क्रैश होने का सीधा खतरा था। इस जानलेवा खतरे से बचने और ईंधन का वजन सुरक्षित रूप से कम (Fuel Burn-Off) करने के लिए पायलट ने विमान को कन्नूर के आसमान के ऊपर ही होल्डिंग पैटर्न में डाल दिया। सुरक्षित लैंडिंग का सटीक वजन हासिल करने के लिए जांबाज पायलट ने हवा में एक के बाद एक लगभग 18 चक्कर लगाए।
सुबह 9 बजे हुआ चमत्कार: 180 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के साथ विमान की कन्नूर रनवे पर हुई सुरक्षित और सफल लैंडिंग
आसमान में करीब डेढ़ घंटे तक लगातार चक्कर काटने और अतिरिक्त ईंधन को पूरी तरह जलाकर वजन हल्का करने के बाद, पायलट ने एटीसी को फाइनल लैंडिंग का सिग्नल दिया। आखिरकार सुबह ठीक 9:00 बजे एयर इंडिया एक्सप्रेस के इस बोइंग विमान ने कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर बेहद सुरक्षित और सुचारू रूप से लैंडिंग की। विमान के पहिए जैसे ही जमीन पर थमे, खिड़कियों से आसमान को टकटकी लगाए देख रहे सभी 180 यात्रियों और स्थिति पर पल-पल नजर रख रहे एयरपोर्ट प्रशासन व सुरक्षा अधिकारियों ने राहत की गहरी सांस ली। विमान के सुरक्षित उतरते ही तुरंत फायर टेंडर्स और एम्बुलेंस ने एहतियातन विमान को चारों तरफ से घेर लिया, लेकिन किसी भी अप्रिय स्थिति की नौबत नहीं आई।
क्या था वो 'APU' फॉल्ट जिसकी बारीकी से जांच कर रहे हैं विमानन विशेषज्ञ, महानिदेशक ने दिए कड़े आदेश
कन्नूर एयरपोर्ट के तकनीकी विंग से मिली शुरुआती जांच रिपोर्टों के मुताबिक, इस विमान में हाल ही में इसके ऑक्सिलरी पावर यूनिट, यानी एपीयू (Auxiliary Power Unit – APU) से जुड़ी कोई तकनीकी समस्या सामने आई थी। हालांकि ग्राउंड इंजीनियरों द्वारा उस खराबी को पूरी तरह ठीक करने का दावा किया गया था और गहन फिटनेस टेस्ट के बाद ही विमान को इस कमर्शियल ऑपरेशन के लिए हरी झंडी दी गई थी। लेकिन अब विमानन नियामक संस्था डीजीसीए (DGCA) और सुरक्षा अधिकारी इस बात की बहुत बारीकी और गंभीरता से जांच कर रहे हैं कि क्या पहले आई उस एपीयू की खराबी का ही इस हवाई आपातकाल और उड़ान के दौरान हुई ताजा तकनीकी खराबी से कोई सीधा या परोक्ष संबंध था। जांच पूरी होने तक विमान को ग्राउंडेड कर दिया गया है।