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इजरायल का ऑपरेशन रोरिंग लायन 18,000 बम और 4,000 टारगेट, लेबनान से ईरान तक दहला मिडिल ईस्ट

News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट की धरती एक बार फिर बारूद के ढेर पर है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ (Operation Roaring Lion) के तहत लेबनान और ईरान समर्थित ठिकानों पर अब तक का सबसे भीषण हमला शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली वायुसेना ने पिछले कुछ घंटों में लेबनान के विभिन्न हिस्सों में 4,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इस दौरान करीब 18,000 बम बरसाए जाने की खबर है, जिससे पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है।आईडीएफ की घातक रणनीति: चुन-चुनकर किए जा रहे हमलेइजरायली सेना की यह रणनीति बेहद आक्रामक और तकनीकी रूप से उन्नत है। आईडीएफ ने साफ किया है कि उनका निशाना आम नागरिक नहीं, बल्कि हिजबुल्लाह के हथियार डिपो, कमांड सेंटर और रॉकेट लॉन्चिंग पैड हैं। ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ का मुख्य उद्देश्य लेबनान की सीमा से इजरायल पर होने वाले हमलों को पूरी तरह रोकना और ईरान के प्रभाव को कम करना है। इजरायली खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि उन्होंने इन 4,000 ठिकानों की पहचान महीनों की रेकी के बाद की थी।ईरान और लेबनान के बीच हड़कंपइजरायल के इस प्रचंड प्रहार ने लेबनान की राजधानी बेरुत समेत दक्षिणी इलाकों को हिलाकर रख दिया है। ईरान ने इस ऑपरेशन की कड़ी निंदा की है, लेकिन इजरायल के तेवर बता रहे हैं कि वह अब रुकने वाला नहीं है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि 18,000 बमों का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि इजरायल इस बार हिजबुल्लाह की कमर पूरी तरह तोड़ देना चाहता है। लेबनान के सीमावर्ती इलाकों से हजारों लोग पलायन करने को मजबूर हो गए हैं, जिससे मानवीय संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है।क्या छिड़ने वाला है विश्व युद्ध?दुनिया भर की नजरें इस वक्त इजरायल की अगली चाल पर टिकी हैं। अमेरिका ने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है, जबकि रूस और चीन ने संयम बरतने की अपील की है। इजरायली प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जो भी इजरायल की सुरक्षा को खतरे में डालेगा, उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के चलते खाड़ी देशों में तनाव चरम पर है और जानकारों को डर है कि यह संघर्ष कहीं बड़े क्षेत्रीय युद्ध में न तब्दील हो जाए।

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