उत्तर प्रदेश

इलाज के लिए जमीन बेचने की जरूरत नहीं सीएम योगी का बड़ा भरोसा, कहा यूपी से इंसेफेलाइटिस का खात्मा तय

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रदेश की जनता, विशेषकर अभिभावकों को एक बड़ा और भावुक भरोसा दिलाया है। गोरखपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अब वह दौर बीत चुका है जब गरीब परिवारों को अपने बच्चों के इलाज के लिए अपनी जमीन या गहने बेचने पड़ते थे। मुख्यमंत्री ने गर्व से घोषणा की कि उत्तर प्रदेश ने जानलेवा बीमारी ‘इंसेफेलाइटिस’ (मस्तिष्क ज्वर) पर लगभग पूरी तरह विजय प्राप्त कर ली है और अब कोई भी बच्चा इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ेगा।’कलंक’ बना इंसेफेलाइटिस अब इतिहास के पन्नों मेंमुख्यमंत्री ने पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस एक ‘कलंक’ की तरह रहा, जिससे हर साल हजारों मासूमों की मौत हो जाती थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में चलाए गए ‘दस्तक अभियान’ और बेहतर सफाई व्यवस्था (Swachh Bharat) के कारण अब इसके मामले न के बराबर रह गए हैं। सीएम ने जोर देकर कहा कि सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी से इस ‘मौत के कहर’ को रोकने में सफलता मिली है।हर गरीब के लिए मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाजअभिभावकों से अपील करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “किसी भी बीमारी के इलाज के लिए अब साहूकारों के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित कर रही है। गोरखपुर और आसपास के जिलों में एम्स (AIIMS) और मेडिकल कॉलेजों के सुदृढ़ीकरण से अब अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंच रही हैं।जागरूकता ही सबसे बड़ा बचावसीएम योगी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की सेहत के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि सफाई, शुद्ध पेयजल और टीकाकरण के जरिए कई बड़ी बीमारियों को दरवाजे पर ही रोका जा सकता है। सरकार की ओर से हर जिले में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) की स्थापना की गई है, ताकि आपात स्थिति में बच्चों को तत्काल उपचार मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए कि अस्पतालों में आने वाले किसी भी मरीज को दवा या डॉक्टर की कमी की शिकायत नहीं होनी चाहिए।

Back to top button