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ईरान में बड़ा फेरबदल, सुप्रीम लीडर खामेनेई ने बदले IRGC कमांडर और सेना के कई बड़े चेहरे

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच ईरान के सत्ता के गलियारों से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। देश के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) अयातुल्ला अली खामेनेई ने ईरान की सैन्य संरचना और शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) में बड़े पैमाने पर फेरबदल कर दिया है। इस अचानक हुए प्रशासनिक और सैन्य बदलाव के बाद ईरानी सेना (Military) के भीतर गहरी उथल-पुथल मच गई है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्रीय मोर्चे पर मिल रही चुनौतियों और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए खामेनेई ने यह सख्त कदम उठाया है ताकि रणनीतिक मोर्चे पर किसी भी चूक की गुंजाइश न बचे।

क्यों उठाया गया यह कदम और क्या है खामेनेई की नई रणनीति?

ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से पश्चिमी देशों और इजराइल के साथ बढ़ते गतिरोध के कारण ईरानी सेना की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुप्रीम लीडर खामेनेई ने शीर्ष पदों पर नए और युवा सैन्य कमांडरों को जिम्मेदारी सौंपी है ताकि फैसलों को तेजी से लागू किया जा सके और सैन्य अभियानों में उच्च स्तर की गोपनीयता व सटीकता बनी रहे। इस बड़े फेरबदल को ईरान की युद्धक तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने की एक बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

IRGC में बदलाव का मिडिल ईस्ट की राजनीति पर असर

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ईरान की सैन्य ताकत का सबसे अहम और ताकतवर स्तंभ माना जाता है, और इसके शीर्ष नेतृत्व में फेरबदल होने से सीधे तौर पर पूरे मध्य पूर्व (Middle East) के समीकरण प्रभावित होते हैं। नए कमांडर्स की नियुक्ति के साथ ही ईरान अपनी रक्षात्मक और आक्रामक रणनीतियों में भी बदलाव कर रहा है। क्षेत्रीय कूटनीति के जानकारों का कहना है कि ईरान का यह आंतरिक फेरबदल आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और खाड़ी देशों के साथ उसके संबंधों पर गहरा असर डाल सकता है, जिस पर अमेरिका और पश्चिमी देशों की पैनी नजर बनी हुई है।

 

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