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ऑफिस में ये क्या बोल रहे हैं युवा? Gen Z ने पूरी तरह बदल दी कॉरपोरेट की भाषा, जान लीजिए इन 10 ट्रेंडिंग शब्दों का असली मतलब

कॉरपोरेट ऑफिसों की दुनिया में अब तक 'सिनर्जी', 'सर्किल बैक' और 'लो-हैंगिंग फ्रूट' जैसे भारी-भरकम शब्दों का बोलबाला था, लेकिन अब दफ्तरों का माहौल तेजी से बदल रहा है। दफ्तरों में कदम रख चुकी नई पीढ़ी यानी Gen Z (1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा) ने कामकाज के तरीकों के साथ-साथ बातचीत की भाषा को भी पूरी तरह से री-राइट कर दिया है। आज के समय में अगर आप ऑफिस ईमेल, स्लैक (Slack) मैसेज या मीटिंग्स में युवाओं की बातें नहीं समझ पा रहे हैं, तो आप रेस में पीछे छूट सकते हैं। आइए जानते हैं कॉरपोरेट की दुनिया में तहलका मचा रहे 10 सबसे लोकप्रिय शब्दों की इनसाइड स्टोरी।

1. नो कैप (No Cap): जब बात हो सौ फीसदी सच

कॉरपोरेट मीटिंग्स या अनौपचारिक बातचीत में जब कोई युवा कर्मचारी अपनी बात के आगे 'No Cap' लगाता है, तो इसका सीधा सा मतलब होता है कि वह पूरी तरह से सच बोल रहा है और बात में कोई बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात या झूठ शामिल नहीं है। उदाहरण के लिए, "इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन सच में कल ही है, नो कैप।"

2. बेट (Bet): अप्रूवल देने का नया और कूल अंदाज

पुराने समय में किसी बात पर सहमति जताने के लिए 'ओके' या 'अंडरस्टूड' कहा जाता था, लेकिन Gen Z इसके लिए 'Bet' शब्द का इस्तेमाल करता है। इसका मतलब होता है "बिल्कुल, ऐसा ही होगा" या "डन समझो"। किसी टास्क को स्वीकार करते समय यह शब्द आजकल काफी सुना जा रहा है।

3. रिज (Rizz): कॉरपोरेट नेटवर्किंग और करिश्मा

यह शब्द 'करिश्मा' (Charisma) से निकला है। ऑफिस के माहौल में 'Rizz' का मतलब उस कर्मचारी से है जिसके पास गजब की कम्युनिकेशन स्किल है और जो अपनी बातों से क्लाइंट्स या कलीग्स को तुरंत इम्प्रेस कर लेता है। इसे अक्सर 'वर्कप्लेस करिश्मा' भी कहा जाता है।

4. घोस्टिंग (Ghosting): बिना बताए गायब हो जाना

यह शब्द हायरिंग और इंटरव्यू के दौरान सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। जब कोई कैंडिडेट इंटरव्यू के बाद या कोई कलीग बिना किसी सूचना के अचानक ईमेल और कॉल का जवाब देना बंद कर देता है, तो उसे 'घोस्टिंग' कहा जाता है।

5. क्लैपबैक (Clapback): आलोचना का करारा जवाब

ऑफिस पॉलिटिक्स या फीडबैक मीटिंग्स में जब कोई कर्मचारी किसी की आलोचना या तीखे सवाल का तुरंत, तार्किक और करारा जवाब देता है, तो उसे 'क्लैपबैक' कहा जाता है। यह एक स्मार्ट और हाजिरजवाब काउंटर-अटैक है।

6. ग्लो अप (Glow Up): करियर में बड़ा सकारात्मक बदलाव

जब कोई कर्मचारी अचानक अपने काम करने के तरीके, स्किल्स या ड्रेसिंग सेंस में जबरदस्त सुधार करता है और उसका परफॉर्मेंस ग्राफ तेजी से ऊपर जाता है, तो सहकर्मी इसे उसका 'कॉरपोरेट ग्लो अप' कहते हैं।

7. मेन कैरेक्टर एनर्जी (Main Character Energy): खुद को लीडर समझना

ऑफिस के कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हर प्रोजेक्ट या मीटिंग में खुद को सबसे आगे रखते हैं और पूरा फोकस अपनी ओर खींच लेते हैं। ऐसे कर्मचारियों के आत्मविश्वास और बर्ताव को Gen Z 'मेन कैरेक्टर एनर्जी' के नाम से बुलाता है।

8. सिचुएशनशिप (Situationship): ऑफिस का उलझा हुआ रिश्ता

कॉरपोरेट वर्ल्ड में जब दो कर्मचारियों के बीच का प्रोफेशनल रिश्ता सामान्य से थोड़ा अलग हो, लेकिन वे खुलकर इसे दोस्ती या पार्टनरशिप का नाम न दे पा रहे हों, तो उसे कॉरपोरेट सिचुएशनशिप कहा जाता है।

9. स्ले (Slay): जब काम में गाड़ दिए जाएं झंडे

अगर किसी कर्मचारी ने कोई बेहतरीन प्रेजेंटेशन दी है या कोई बड़ा क्लाइंट क्लोज किया है, तो उसे तारीफ के रूप में 'You Slayed It' कहा जाता है। इसका मतलब है कि आपने बहुत ही शानदार या परफेक्ट काम किया है।

10. सॉल्टी (Salty): किसी बात पर खफा या नाराज होना

अगर कोई कर्मचारी किसी अप्रैजल, फीडबैक या मीटिंग के फैसले से नाखुश है और चिढ़ा हुआ व्यवहार कर रहा है, तो कॉरपोरेट की नई भाषा में उसे 'सॉल्टी' कहा जाता है। यानी बिना वजह बात का बुरा मान जाना।

क्यों जरूरी है कॉरपोरेट की इस नई डिक्शनरी को समझना

मैनेजर्स और सीनियर लीडर्स के लिए इन शब्दों को समझना अब कोई चॉइस नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है। वर्कप्लेस पर बेहतर कम्यूनिकेशन और टीम बॉन्डिंग के लिए जेन-जी की इस भाषा को समझना जरूरी है। इससे न सिर्फ काम का माहौल हल्का और कूल रहता है, बल्कि अलग-अलग जनरेशन के बीच का गैप भी कम होता है।

 

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