ओमान-कतर से खुला होर्मुज का रास्ता, अब समंदर के रास्ते भर-भरकर आएगी LNG गैस, देश की सारी किल्लत होगी छूमंतर

ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) के मोर्चे पर भारत के लिए वैश्विक मंच से एक साथ दो बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है, जिसने देश के औद्योगिक और घरेलू गैस क्षेत्र की पूरी तस्वीर बदल कर रख दी है। मध्य पूर्व (Middle East) में लंबे समय से जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के पूरी तरह खुलते ही भारत के लिए लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की निर्बाध सप्लाई का पक्का इंतजाम हो गया है। भारत ने ओमान और कतर जैसी दुनिया की सबसे बड़ी गैस उत्पादक ताकतों के साथ नए और दीर्घकालिक समझौतों पर मुहर लगा दी है, जिसके बाद अब भारतीय बंदरगाहों पर बड़े-बड़े जहाजों से गैस की रिकॉर्ड आमद शुरू होने वाली है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना भारत के लिए क्यों है गेमचेंजर
वैश्विक व्यापार और विशेषकर कच्चे तेल व प्राकृतिक गैस की सप्लाई के लिए होर्मुज स्ट्रेट को दुनिया की जीवनरेखा माना जाता है। पिछले कुछ समय से इस रूट पर बने सुरक्षा खतरों के चलते भारत की गैस आयात लागत में काफी बढ़ोतरी हो गई थी और सप्लाई चेन बाधित होने का डर सता रहा था। अब इस समुद्री रास्ते के सुरक्षित और पूरी तरह चालू हो जाने से भारतीय ऊर्जा कंपनियों जैसे गेल (GAIL), पेट्रोनेट एलएनजी (Petronet LNG) और इंडियन ऑयल को बहुत बड़ी राहत मिली है। इस रूट के जरिए अब बेहद कम समय और न्यूनतम लॉजिस्टिक्स खर्च में खाड़ी देशों से एलएनजी सीधे भारतीय तटों तक पहुंच सकेगी।
ओमान और कतर के साथ हुए नए ऐतिहासिक गैस एग्रीमेंट की इनसाइड स्टोरी
इस डबल खुशखबरी का दूसरा सबसे मजबूत पहलू भारत सरकार की बेहतरीन कूटनीति है। भारत ने कतर और ओमान की शीर्ष ऊर्जा कंपनियों के साथ कई मिलियन टन सालाना एलएनजी आयात करने के नए सौदों को अंतिम रूप दे दिया है। ये समझौते अगले कई दशकों के लिए भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेंगे। इस पक्के इंतजाम के बाद देश के भीतर बिजली उत्पादन, फर्टिलाइजर प्लांट्स (खाद कारखानों), स्टील इंडस्ट्री और सबसे महत्वपूर्ण घरेलू पीएनजी (PNG) व वाहनों के लिए सीएनजी (CNG) की बढ़ती मांग को बिना किसी रुकावट के पूरा किया जा सकेगा।
देश भर के उद्योगों और स्थानीय बाजारों में दौड़ी खुशी की लहर
इस ऐतिहासिक समझौते और गैस की भारी आमद की खबर से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, गुजरात के दाहेज व हजीरा पोर्ट, और उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में खुशी का माहौल है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि गैस की प्रचुर उपलब्धता से न केवल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी, बल्कि आने वाले दिनों में आम जनता के लिए सीएनजी और एलपीजी की कीमतों में भी बड़ी स्थिरता देखने को मिल सकती है। भारत की इस रणनीतिक जीत ने यह साफ कर दिया है कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद देश अपनी एनर्जी सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने में पूरी तरह आत्मनिर्भर है।