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कंगाल पाकिस्तान की रातों-रात चमकी किस्मत! मिल गया तेल और गैस का महाखजाना, अब नहीं मांगनी पड़ेगी भीख

कंगाल पाकिस्तान की रातों-रात चमकी किस्मत! मिल गया तेल और गैस का महाखजाना, अब नहीं मांगनी पड़ेगी भीख

आर्थिक तंगी, आसमान छूती महंगाई और विदेशी कर्ज के बोझ तले दबे पाकिस्तान के लिए आखिरकार एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से पाई-पाई के लिए तरस रहे इस पड़ोसी देश की किस्मत अचानक बदलती हुई नजर आ रही है। पाकिस्तान के भूगर्भीय इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी खोज होने का दावा किया जा रहा है, जहां देश के भीतर तेल और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडारों का पता चला है। इस खबर के बाहर आते ही पाकिस्तानी हुकूमती गलियारों और आम जनता में जश्न का माहौल है, क्योंकि इसे देश की डूबती अर्थव्यवस्था को उबारने वाली संजीवनी बूटी माना जा रहा है।

एलपीजी और पेट्रोल-डीजल के संकट से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्ति पाकिस्तान पिछले काफी समय से गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार खाली होने की कगार पर पहुंचने के कारण देश के लिए खाड़ी देशों से कच्चा तेल और एलपीजी (LPG) आयात करना एक दुःस्वप्न बन चुका था। पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही थीं और देश में गैस की भारी किल्लत देखी जा रही थी। कूटनीतिक और आर्थिक जानकारों का मानना है कि इस नए खजाने के मिलने के बाद पाकिस्तान की अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) पर निर्भरता बहुत हद तक कम हो सकती है। अगर इस भंडार से सही तरीके से तेल और गैस निकाला गया, तो पाकिस्तान को ईंधन के लिए किसी के सामने भीख नहीं मांगनी पड़ेगी।

क्या इस खजाने से सुधरेंगे पाकिस्तान के आर्थिक हालात विशेषज्ञों के मुताबिक, इस खोजे गए तेल और गैस के ब्लॉक में इतना बड़ा भंडार मौजूद है जो आने वाले कई दशकों तक पाकिस्तान की घरेलू ऊर्जा जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकता है। इससे न केवल देश का अरबों डॉलर का आयात बिल बचेगा, बल्कि स्थानीय उद्योगों को भी सस्ती बिजली और ईंधन मिल सकेगा। पाकिस्तानी सरकार अब इस खजाने को जल्द से जल्द जमीन से बाहर निकालने के लिए आधुनिक तकनीक और विदेशी निवेश जुटाने की योजना बना रही है। हालांकि, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या पाकिस्तानी नेतृत्व इस सुनहरे मौके का सही इस्तेमाल कर देश को डिफ़ॉल्ट होने से बचा पाता है या नहीं।

दुनियाभर के बाजारों और एक्सपर्ट्स की टिकी नजरें इस बड़ी खोज ने वैश्विक ऊर्जा बाजार का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के ऊर्जा विशेषज्ञ इस बात का बारीकी से आकलन कर रहे हैं कि इस खोज का इस पूरे इलाके के भू-राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा। शहबाज शरीफ सरकार इस खोज को देश के लिए टर्निंग पॉइंट मानकर चल रही है। अगर यह प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल रहता है, तो पाकिस्तान आने वाले समय में न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकता है बल्कि अपनी अर्थव्यवस्था की पूरी दिशा और दशा बदल सकता है, जिससे जनता को भी महंगाई की मार से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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