उत्तर प्रदेश

UP Wedding Drama: धोखेबाज सिपाही की शादी में बड़ा कांड, प्रेमिका को देखते ही पिछली गली से भाग निकला दूल्हा, दुल्हन रह गई सन्न

News India Live, Digital Desk: शादियों का सीजन चल रहा है और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अगर शादी हो और थोड़ा ड्रामा न हो, ऐसा कैसे हो सकता है? लेकिन इस बार जो हुआ है, वो किसी बॉलीवुड फिल्म की कहानी से कम नहीं है। एक गेस्ट हाउस में खुशियों का माहौल था, बाराती सज-धज कर खाना खा रहे थे, लेकिन तभी एक ‘ट्विस्ट’ आया जिसने शादी को जंग के मैदान में बदल दिया।माहौल खुशियों का था, फिर सायरन बजा…मामला एक सिपाही (Police Constable) की शादी का है। दूल्हा बने सिपाही जी बड़े शान से घोड़ी चढ़कर गेस्ट हाउस पहुंचे थे। दुल्हन पक्ष ने भी जोरदार स्वागत किया। जयमाला की तैयारियां चल रही थीं, फोटोग्राफर फोटो खींच रहे थे। सबको लगा सब कुछ ‘सेट’ है।लेकिन कहते हैं ना, चोरी कभी न कभी पकड़ी ही जाती है। ठीक उसी वक्त, वहां एक लड़की की एंट्री हुई। और वो अकेली नहीं आई थी—उसने अपने साथ असली ‘पुलिस’ (Dial 112) भी बुलाई थी! यह लड़की कोई और नहीं, बल्कि दूल्हे राजा की कथित प्रेमिका (Girlfriend) थी।दूल्हे ने जब गर्लफ्रेंड को देखा, तो क्या किया?आमतौर पर पुलिस वाले चोरों को भगाते हैं, लेकिन यहाँ उल्टा हो गया। जैसे ही सिपाही दूल्हे को भनक लगी कि उसकी प्रेमिका पुलिस फोर्स के साथ गेट पर खड़ी है और हंगामा कर रही है, उसके होश उड़ गए। उसे समझ आ गया कि अब पोल खुलने वाली है।इज्जत बचाने का और कोई रास्ता न देख, दूल्हे मियाँ ने आव देखा न ताव—चुपके से रफूचक्कर हो गए! सोचिए, मंडप में दुल्हन इंतजार कर रही है, बाराती उसे ढूंढ रहे हैं और दूल्हा नदारद।लड़की का आरोप: “शादी का वादा मुझसे और फेरे किसी और से?”वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, प्रेमिका ने गेस्ट हाउस में जमकर हंगामा काटा। उसका आरोप था कि सिपाही के साथ उसका पुराना रिश्ता है और उसने शादी का वादा भी किया था। लेकिन, चुपके से वो कहीं और शादी रचा रहा था। इसे ही कहते हैं ‘धोखा’।शादी बनी तमाशाइस पूरे ड्रामे का सबसे दुखद पहलू दुल्हन पक्ष के लिए रहा। उनकी सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं और खुशी का माहौल मातम और गुस्से में बदल गया। अब यह मामला थाने की चौखट तक पहुँच गया है, लेकिन पूरे शहर में चर्चा इसी ‘भगोड़े दूल्हे’ की हो रही है।दोस्तों, यह घटना सबक है कि रिश्तों में पारदर्शिता कितनी जरूरी है। अगर सिपाही जी ने पहले सच बोला होता, तो शायद भरी महफिल में यह ‘कांड’ न होता!

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