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कुमार विश्वास की भविष्यवाणी हुई सच राघव चड्ढा पर एक्शन के पीछे परिणीति से शादी बनी वजह? छिड़ गया सियासी घमासान

News India Live, Digital Desk: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे घमासान और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की बढ़ती मुश्किलों के बीच मशहूर कवि और पूर्व आप नेता डॉ. कुमार विश्वास का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुमार विश्वास ने राघव चड्ढा पर होने वाली संभावित कार्रवाई की ‘भविष्यवाणी’ पहले ही कर दी थी। दिलचस्प बात यह है कि विश्वास ने इस कार्रवाई का सीधा संबंध बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से उनकी शादी और राघव के बदलते ‘लाइफस्टाइल’ से जोड़ा था। अब जब पार्टी और राघव के बीच दूरियां बढ़ती दिख रही हैं, तो यह वीडियो चर्चा का केंद्र बन गया है।”शादी के बाद बदले तेवर”: क्या राघव चड्ढा पर भारी पड़ी रॉयल्टी?कुमार विश्वास ने अपने चिर-परिचित व्यंग्यात्मक अंदाज में संकेत दिया था कि राघव चड्ढा की शाही शादी और उसके बाद का चमक-धमक वाला जीवन पार्टी के ‘आम आदमी’ वाले नैरेटिव से मेल नहीं खाता। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि राघव की हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल और बॉलीवुड के साथ उनके जुड़ाव ने पार्टी नेतृत्व के भीतर एक असहज स्थिति पैदा की। विश्वास ने इशारों-इशारों में कहा था कि जब आप ‘क्रांतिकारी’ राजनीति से निकलकर ‘ग्लैमर’ की दुनिया में कदम रखते हैं, तो संगठन के भीतर आपकी स्वीकार्यता घटने लगती है।केजरीवाल और राघव के बीच बढ़ी खाई? 5 पॉइंट में समझें ‘मोहभंग’ की कहानीकभी अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद सिपहसालारों में गिने जाने वाले राघव चड्ढा अब पार्टी की मुख्य धारा से कटे हुए नजर आ रहे हैं। इस अनबन के पीछे पांच प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:गैर-मौजूदगी: संकट के समय (विशेषकर जब पार्टी नेतृत्व जेल में था) राघव का लंबे समय तक विदेश में रहना।प्राथमिकताओं में बदलाव: शादी के बाद दिल्ली की राजनीति के बजाय ग्लैमर जगत में अधिक सक्रियता।नेतृत्व से दूरी: अहम फैसलों में राघव की सलाह को अब उतनी अहमियत न मिलना।पार्टी की छवि: ‘आम आदमी’ पार्टी के नेताओं की विलासी जीवनशैली पर जनता के सवाल।अनुशासन का मुद्दा: आंतरिक रिपोर्टों में राघव की भूमिका को लेकर उठ रहे सवाल।राघव चड्ढा बनाम AAP: क्या बीजेपी का थामेंगे दामन?राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी सुगबुगाहट तेज है कि क्या राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी को अलविदा कहकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं? हालांकि, अभी तक न तो राघव और न ही बीजेपी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान आया है, लेकिन कुमार विश्वास के पुराने दावों ने इन अटकलों को और हवा दे दी है। विश्लेषकों का मानना है कि राघव चड्ढा और पार्टी के बीच की दरार अब इतनी गहरी हो चुकी है कि इसे भरना आसान नहीं होगा।सोशल मीडिया पर छिड़ा ‘समोसा’ और ‘सियासत’ का युद्धहाल ही में ‘समोसा’ विवाद को लेकर भी राघव चड्ढा और पार्टी के बीच तनाव की खबरें आई थीं, लेकिन अंदरूनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कुमार विश्वास ने अपने बयानों में बार-बार यह रेखांकित किया है कि ‘सिद्धांत’ की राजनीति और ‘स्वार्थ’ की राजनीति में अक्सर ऐसे ही टकराव होते हैं। फिलहाल, राघव चड्ढा की चुप्पी और कुमार विश्वास की पुरानी बातों का मेल सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।

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