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कैलिफोर्निया में दीवाली की छुट्टी का कानून हुआ रद्द, कोर्ट ने बताया अमेरिकी संविधान के खिलाफ

अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य से एक बड़ी और चौंकाने वाली कानूनी खबर सामने आ रही है। कैलिफोर्निया की एक अदालत ने दीपावली (Diwali) के पावन पर्व को आधिकारिक राज्य अवकाश बनाने वाले कानून को असंवैधानिक करार देते हुए पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद से प्रवासी भारतीयों और स्थानीय समुदाय के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट रूप से कहा है कि यह कदम किसी भी तरह से दिवाली के सांस्कृतिक या धार्मिक महत्व के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी संविधान के मूल सिद्धांतों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

कोर्ट ने बताया क्यों रद्द हुआ दीवाली अवकाश का कानून?

अमेरिकी न्यायपालिका के अनुसार, इस फैसले के पीछे मुख्य आधार अमेरिकी संविधान में निहित 'धर्म और राज्य के पृथक्करण' (Separation of Church and State) का सिद्धांत है। अदालत का साफ तौर पर यह मानना है कि यदि सरकार किसी एक विशिष्ट धार्मिक पर्व या त्योहार को आधिकारिक सरकारी अवकाश का दर्जा देती है, तो इसे कानून की नजर में किसी एक विशेष धर्म के प्रति सरकारी समर्थन के रूप में देखा जा सकता है। यह प्रावधान अमेरिकी संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के विपरीत है, जिसके चलते इस कानून को कानूनी कसौटी पर खरा न उतरने के कारण रद्द करना पड़ा।

सांस्कृतिक महत्व और कानूनी नियमों के बीच उलझन

कैलिफोर्निया में बड़ी संख्या में भारतीय और एशियाई समुदाय के लोग निवास करते हैं, जिनके लिए दिवाली का त्योहार अत्यंत महत्वपूर्ण और उल्लास का प्रतीक है। राज्य में दिवाली को आधिकारिक अवकाश घोषित किए जाने से प्रवासी भारतीयों में काफी खुशी की लहर दौड़ गई थी, लेकिन संवैधानिक प्रावधानों और धार्मिक तटस्थता के नियमों के चलते यह मामला अदालत तक पहुंच गया। न्यायालय ने भले ही इस विशेष अवकाश के कानून को रद्द कर दिया हो, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग पारंपरिक रूप से इस त्योहार को धूमधाम से मनाने और अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।

 

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