खेल

कौन हैं इमरान ख्वाजा? ICC के वो पावरब्रोकर जो सुलझाएंगे भारत-पाक विवाद, 4500 करोड़ के नुकसान से बचाने लाहौर में डाला डेरा

News India Live, Digital Desk: क्रिकेट के मैदान पर जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर होता है, तो अक्सर पर्दे के पीछे एक नाम सबसे ज्यादा सक्रिय होता है इमरान ख्वाजा। आईसीसी के मौजूदा उपाध्यक्ष (Deputy Chairman) और अनुभवी वकील ख्वाजा को आईसीसी बोर्ड ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। पाकिस्तान सरकार द्वारा 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच के बहिष्कार की घोषणा के बाद, ख्वाजा की यह ‘शांति वार्ता’ क्रिकेट जगत के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।कौन हैं इमरान ख्वाजा? (Profile of the Mediator)इमरान ख्वाजा केवल एक क्रिकेट प्रशासक नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक मंझे हुए कानूनी मध्यस्थ (Legal Mediator) भी हैं।पद: वर्तमान में आईसीसी के उपाध्यक्ष। वे 2017 से इस पद पर बने हुए हैं।इतिहास: 2020 में शशांक मनोहर के इस्तीफे के बाद वे आईसीसी के अंतरिम चेयरमैन भी रहे थे। वे किसी एसोसिएट राष्ट्र (सिंगापुर) से इस पद तक पहुँचने वाले पहले व्यक्ति हैं।पेशा: ख्वाजा सिंगापुर के एक प्रतिष्ठित वकील हैं और सिंगापुर इंटरनेशनल मीडिएशन सेंटर (SIMC) से प्रमाणित मध्यस्थ हैं। वे 1MDB घोटाले जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में मलेशियाई सरकार का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।लाहौर में ख्वाजा का मिशन: ‘4500 करोड़ का दांव’इमरान ख्वाजा का लाहौर दौरा साधारण नहीं है। यदि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलता है, तो आईसीसी और ब्रॉडकास्टर्स को लगभग $500 मिलियन (₹4,500 करोड़ से अधिक) का नुकसान होने का अनुमान है। ख्वाजा का मुख्य काम पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी को यह समझाना है कि ‘बहिष्कार’ से पाकिस्तान को मिलने वाले सालाना फंड (₹311 करोड़) पर भी रोक लग सकती है।क्यों ख्वाजा ही हैं आईसीसी की पसंद?पुराने संबंध: ख्वाजा पिछले कई सालों से पीसीबी के अलग-अलग अध्यक्षों के साथ बेहतर तालमेल रखते आए हैं।कानूनी विशेषज्ञता: वे पीसीबी द्वारा दिए जा रहे ‘Force Majeure’ (अप्रत्याशित स्थिति) के तर्क की कानूनी काट निकालने में सक्षम हैं।न्यूट्रल इमेज: सिंगापुर से ताल्लुक रखने के कारण उन्हें भारत या पाकिस्तान, किसी भी पक्ष के प्रति झुकाव वाला नहीं माना जाता।ताज़ा अपडेट: 5 घंटे की मैराथन मीटिंगरविवार रात लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में इमरान ख्वाजा, मोहसिन नकवी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम के बीच करीब 5 घंटे तक बैठक चली। सूत्रों का कहना है कि ख्वाजा ने पाकिस्तान को कुछ ‘विशेष रियायतें’ देने का संकेत दिया है, जिसमें भविष्य के टूर्नामेंट्स की मेजबानी और रेवेन्यू शेयरिंग पर बातचीत शामिल हो सकती है।क्या सफल होंगे ख्वाजा?इमरान ख्वाजा को जटिल विवादों को सुलझाने में महारत हासिल है। उनके लाहौर पहुँचने से एक उम्मीद जगी है कि 15 फरवरी को कोलंबो में गेंद और बल्ले की जंग जरूर होगी। हालांकि, अंतिम फैसला आज दोपहर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ होने वाली मीटिंग के बाद ही लिया जाएगा।

Back to top button