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क्या आईआईटी पूरी तरह सरकारी है या प्राइवेट? जानें क्यों दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां यहां प्लेसमेंट के लिए लगाती हैं कतार

क्या आईआईटी पूरी तरह सरकारी है या प्राइवेट? जानें क्यों दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां यहां प्लेसमेंट के लिए लगाती हैं कतार

देश के लाखों युवाओं और छात्रों के बीच आईआईटी (IIT) का नाम एक जादुई शब्द की तरह है। हर साल देश के कोने-कोने से छात्र इंजीनियरिंग की दुनिया के इस सबसे बड़े मुकाम को हासिल करने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं। लेकिन इस सब के बीच, बहुत से लोगों और खासकर नए छात्रों के मन में यह उलझन हमेशा बनी रहती है कि आईआईटी संस्थान पूरी तरह से सरकारी (Government) हैं या फिर इन्हें प्राइवेट (Private) संस्थाओं की तरह चलाया जाता है। आज एक रिपोर्टर की नजर से हम इस प्रतिष्ठित संस्थान की पूरी हकीकत को डिकोड करेंगे और जानेंगे कि आखिर क्यों इसे दुनिया का सबसे बेस्ट प्लेसमेंट हब माना जाता है।

आईआईटी का असली सच: सरकारी है या प्राइवेट अगर आपके मन में भी यह सवाल है, तो इसका सीधा और साफ जवाब यह है कि आईआईटी यानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Indian Institute of Technology) पूरी तरह से स्वायत्त सरकारी संस्थान (Autonomous Public Institutes) हैं। इनकी स्थापना और संचालन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत होता है। भारत की संसद ने 'आईआईटी अधिनियम' (Institutes of Technology Act) पास करके इन्हें 'राष्ट्रीय महत्व के संस्थान' का दर्जा दिया है। हालांकि, सरकारी होने के बावजूद इनके पास अपने नियम, सिलेबस और प्रशासनिक फैसले लेने की पूरी आजादी होती है, जो इन्हें सामान्य सरकारी कॉलेजों से बिल्कुल अलग और बेहद एडवांस बनाती है।

दुनिया की टॉप कंपनियों के लिए क्यों बेस्ट हैं आईआईटी संस्थान अब सवाल उठता है कि दुनिया की सबसे बड़ी और नामी कंपनियां जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, अमेजन और फेसबुक (Meta) हर साल भारत के इन संस्थानों में प्लेसमेंट के लिए सबसे पहले क्यों पहुंचती हैं? इसका सबसे बड़ा कारण है यहां का कड़ा फिल्ट्रेशन प्रोसेस। आईआईटी में दाखिला पाने के लिए छात्रों को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक 'जेईई एडवांस्ड' (JEE Advanced) को पास करना होता है। लाखों में से चुनकर आए इन चुनिंदा छात्रों का आईक्यू लेवल और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल बेहद शानदार होती है। कंपनियों को पता होता है कि यहां उन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन और शार्प माइंड्स एक ही छत के नीचे मिल जाएंगे।

करोड़ों के इंटरनेशनल पैकेज और आलीशान करियर आईआईटी के प्लेसमेंट सीजन की खबरें हर साल मीडिया की हेडलाइंस बनती हैं। यहां के छात्रों को मिलने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सैलरी पैकेज हैरान कर देने वाले होते हैं। डोमेस्टिक प्लेसमेंट में जहां छात्रों को सालाना 40 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के ऑफर आसानी से मिल जाते हैं, वहीं इंटरनेशनल प्लेसमेंट (जैसे अमेरिका, लंदन या सिंगापुर में पोस्टिंग) के लिए यह आंकड़ा 2 से 4 करोड़ रुपये सालाना तक पहुंच जाता है। इतनी बड़ी रकम और करियर में इतनी तेज ग्रोथ दुनिया के बहुत कम संस्थानों में देखने को मिलती है, यही वजह है कि आईआईटी का क्रेज कभी कम नहीं होता।

वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल एलुमनाई नेटवर्क करोड़ों के पैकेज के अलावा, आईआईटी की एक और सबसे बड़ी ताकत है इसका इंफ्रास्ट्रक्चर और पूर्व छात्रों का नेटवर्क (Alumni Network)। आज दुनिया की कई बड़ी कंपनियों के सीईओ (जैसे गूगल के सुंदर पिचाई) आईआईटी के ही छात्र रहे हैं। जब ये पूर्व छात्र वैश्विक स्तर पर बड़े पदों पर पहुंचते हैं, तो वे अपनी कंपनियों में भर्ती के लिए अपने ही जूनियर आईआईटीअंस को प्राथमिकता देते हैं। इसके साथ ही, आईआईटी कैंपस में मिलने वाली अत्याधुनिक लैब्स, रिसर्च की सुविधाएं और वर्ल्ड क्लास फैकल्टी छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार कर देती हैं।

 

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