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क्या आपकी EMI घटेगी? गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट, फॉरेक्स रिजर्व पर किए ये 4 बड़े ऐतिहासिक ऐला

देश के करोड़ों बैंक खाताधारकों, होम लोन और कार लोन की ईएमआई (EMI) चुकाने वाले आम लोगों की निगाहें आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजों पर टिकी थीं। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कर दिया है कि केंद्रीय बैंक ने मुख्य नीतिगत दर यानी रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25% पर पूरी तरह से बरकरार (Unchanged) रखने का फैसला किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि फिलहाल आपकी लोन की ईएमआई में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है। वैश्विक स्तर पर, विशेषकर पश्चिम एशिया (West Asia Conflict) में चल रहे तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते पैदा हुए मुद्रास्फीति (महंगाई) के जोखिम को देखते हुए आरबीआई ने अपना कड़ा और 'न्यूट्रल' (Neutral) रुख जारी रखा है। डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये को बचाने के लिए आरबीआई ने बिछाया कूटनीतिक चक्रव्यूह पिछले कुछ समय से वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे भारतीय रुपया लगातार दबाव में चल रहा था। इस दबाव को कम करने और रुपये की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को मजबूत करने के लिए आरबीआई ने एक बहुत बड़ा और मास्टरस्ट्रोक ऐलान किया है। गवर्नर ने विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार को स्थिरता देने के लिए ऑथराइज्ड डीलर (AD) बैंकों के वास्ते 3 से 5 साल के FCNR(B) डिपॉजिट्स जुटाने के लिए फुल हेजिंग सपोर्ट देने की घोषणा की है। इसके साथ ही पब्लिक सेक्टर की कंपनियों (PSUs) द्वारा लिए जाने वाले एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) के लिए रियायती फॉरेक्स स्वैप फैसिलिटी (Forex Swap Facility) की समयसीमा को बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 तक कर दिया गया है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से रुपये की सेहत में भारी सुधार देखने को मिलेगा। प्रवासी भारतीयों (NRI-OCI) के लिए खुला खजाना, विदेशी निवेश पर हटाए गए कड़े प्रतिबंध भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था में विदेशी पूंजी के प्रवाह (Capital Inflow) को बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक ने एनआरआई (NRI) और ओसीआई (OCI) कार्ड धारकों के लिए निवेश के दरवाजे पूरी तरह से खोल दिए हैं। नए नियमों के मुताबिक, अब बिना सेबी (SEBI) रजिस्ट्रेशन के भी एनआरआई और ओसीआई निवेशक भारतीय इक्विटी मार्केट में अपनी निवेश सीमा को बड़े स्तर पर बढ़ा सकते हैं। सबसे चौंकाने वाला और बड़ा फैसला यह रहा कि इस विशेष सुविधा का दायरा बढ़ाते हुए अब इसे दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले व्यक्तिगत विदेशी नागरिकों (PROIs) के लिए भी लागू कर दिया गया है। इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए जनरल रूट के तहत शॉर्ट-टर्म इन्वेस्टमेंट और व्यक्तिगत सिक्योरिटीज पर लगी पुरानी लिमिट्स को भी हटा दिया गया है, जिससे दलाल स्ट्रीट में डॉलरों की बारिश होना तय माना जा रहा है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा देश का फॉरेक्स रिजर्व, जीडीपी और महंगाई के नए आंकड़े जारी गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश को आश्वस्त करते हुए एक बेहद सुखद जानकारी साझा की कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार यानी फॉरेक्स रिजर्व (Forex Reserves) इस समय 682.3 अरब डॉलर के एक मजबूत और अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुका है, जो किसी भी बाहरी वैश्विक झटके या मंदी से निपटने के लिए भारत के पास एक बेहद मजबूत ढाल है। हालांकि, आरबीआई ने दुनिया भर में जारी सप्लाई चेन की दिक्कतों और अल नीनो (El Niño) के प्रभाव को देखते हुए चालू वित्त वर्ष (FY27) के लिए देश की जीडीपी (GDP) ग्रोथ के अनुमान को 6.9% से थोड़ा घटाकर 6.6% कर दिया है। इसके साथ ही खुदरा महंगाई दर (CPI Inflation) के अनुमान को संशोधित कर 5.1% किया गया है। कुल मिलाकर, आरबीआई की यह नई नीति आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखने और देश के वित्तीय बाजारों को सुरक्षित कवच प्रदान करने वाली साबित हो रही है।

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