क्या पीरियड्स में स्विमिंग करने से सचमुच रुक जाता है ब्लीडिंग का फ्लो? जानिए इसके पीछे का पूरा सच और साइंस

पीरियड यानी माहवारी के दिनों में महिलाओं और लड़कियों के मन में कई तरह के सवाल और संकोच रहते हैं। खासतौर पर जब बात फिटनेस या पानी में उतरने की हो, तो अक्सर यह सवाल सामने आता है कि क्या पीरियड्स के दौरान स्विमिंग करने से ब्लीडिंग का फ्लो अचानक रुक जाता है। बहुत से लोग यह मानते हैं कि पानी के दबाव या तापमान के कारण ब्लीडिंग थम जाती है, लेकिन मेडिकल साइंस और गाइनोलॉजिस्ट्स का इस बारे में कुछ और ही कहना है। आइए जानते हैं कि इस आम धारणा के पीछे की असल सच्चाई और विज्ञान क्या है।
क्या सचमुच पानी में जाने से ब्लीडिंग रुक जाती है?
वैज्ञानिक और चिकित्सीय दृष्टिकोण से देखें तो पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग कभी भी पूरी तरह या स्थायी रूप से बंद नहीं होती है। गर्भाशय (Uterus) से ब्लीडिंग का प्रोसेस एक आंतरिक जैविक प्रक्रिया है, जिस पर पानी के बाहरी तापमान या तैरने का कोई सीधा असर नहीं पड़ता है। हालांकि, जब आप पानी में उतरती हैं, तो हाइड्रोस्टेटिक प्रेशर (Hydrostatic Pressure) यानी पानी के दबाव और फिजिक्स के नियमों के कारण खून का बहाव कुछ समय के लिए बाहर की ओर आना अस्थायी रूप से धीमा या रुका हुआ प्रतीत हो सकता है। जैसे ही आप पानी से बाहर निकलती हैं, ग्रेविटी के प्रभाव से वह बहाव फिर से सामान्य हो जाता है।
पीरियड्स में स्विमिंग करने के लिए किन बातों का रखें ध्यान
अगर आप पीरियड्स के दिनों में भी पूल या समंदर में स्विमिंग का लुत्फ उठाना चाहती हैं, तो हाइजीन और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस दौरान संक्रमण (Infection) का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है, इसलिए हमेशा टैम्पोन (Tampon) या मेंस्ट्रुअल कप (Menstrual Cup) का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है, क्योंकि यह पानी के अंदर भी ब्लीडिंग को पूरी तरह रोककर रखते हैं। इसके अलावा स्विमिंग के तुरंत बाद गीले स्विमसूट को बदलकर सूखा और साफ कपड़ा पहन लेना चाहिए ताकि किसी भी तरह के बैक्टीरियल या यीस्ट इन्फेक्शन से बचा जा सके।
क्या पीरियड्स में तैरना सेहत के लिए फायदेमंद है?
अक्सर महिलाओं को लगता है कि माहवारी के दिनों में आराम करना ही बेहतर है, लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी इन दिनों में होने वाले क्रैम्प्स (Menstrual cramps) और ऐंठन से राहत दिलाने में काफी मददगार होती है। स्विमिंग एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज है, जो शरीर की मांसपेशियों को आराम देती है और एंडोर्फिन (Endorphins) हार्मोन रिलीज करके मूड को फ्रेश रखती है। यदि आप सहज महसूस करती हैं, तो सही सावधानी बरतते हुए पीरियड्स के दौरान भी स्विमिंग का आनंद लिया जा सकता है।