क्रूड 110 डॉलर के पार, दुनिया में मचा हाहाकार! क्या चुनाव के बाद भारत में बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? जानिए 6 अप्रैल के ताजा रेट

पूरी दुनिया में अमेरिका-ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग लगी हुई है। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। पाकिस्तान, श्रीलंका और चीन जैसे पड़ोसी देशों से लेकर दुनिया के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं के लिए आज यानी 6 अप्रैल की सुबह एक बड़ी राहत लेकर आई है। भारी ग्लोबल दबाव और तेल कंपनियों के भारी नुकसान के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई इजाफा नहीं किया गया है।तेल कंपनियों को हो रहा है करोड़ों का नुकसानअंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए इस भारी उछाल का असर भारतीय तेल कंपनियों पर बुरी तरह पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा समय में कंपनियों को एक लीटर पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये और एक लीटर डीजल पर करीब 104 रुपये का भारी घाटा सहना पड़ रहा है। इसके बावजूद फिलहाल आम जनता को इस महंगाई से बचाकर रखा गया है।दिल्ली से लेकर बंगाल तक, क्या हैं आज के ताजा रेट?6 अप्रैल की सुबह 6 बजे जारी हुए नए रेट्स के मुताबिक, राजधानी दिल्ली के इंडियन ऑयल (IOCL) पंपों पर साधारण पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। वहीं, प्रीमियम ग्राहकों के लिए XP95 पेट्रोल 101.89 रुपये और XG डीजल 91.49 रुपये प्रति लीटर है। पश्चिम बंगाल में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये के पार बनी हुई हैं। कोलकाता, हावड़ा और अलीपुर में पेट्रोल 104.99 रुपये है। हुगली में 105.52, मेदिनीपुर में 105.37, कृष्णानगर में 106.07 और बहरामपुर में 106.12 रुपये प्रति लीटर के भाव पर पेट्रोल मिल रहा है। आज किसी भी शहर में कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।क्या चुनावों के बाद आम आदमी की जेब पर गिरेगी गाज?दुनियाभर में मचे इस त्राहिमाम के बीच आम जनता के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं बढ़ रहे हैं? कई लोगों का मानना है कि पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के कारण सरकार ने दाम बढ़ने से रोक रखे हैं और चुनाव खत्म होते ही महंगाई का बम फूट सकता है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के कारण ही अंतरराष्ट्रीय महंगाई का भारी बोझ आम नागरिकों पर नहीं डाला जा रहा है और उन्हें ग्लोबल झटकों से सुरक्षित रखा जा रहा है।दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आगग्लोबल पेट्रोल प्राइसेस के आंकड़ों पर नजर डालें तो युद्ध और क्रूड की कीमतों का असर पूरी दुनिया पर साफ दिख रहा है। म्यांमार में पेट्रोल 100% और डीजल 119.9% तक महंगा हो चुका है। लाओस में यह उछाल 117.5% है। फिलीपींस, मलेशिया, कंबोडिया और यहां तक कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों में भी ईंधन की कीमतों में 40 से 111% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।कच्चे तेल का क्या है मौजूदा हाल?विशेषज्ञों की मानें तो अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर के पार बनी रहती हैं, तो भारत सरकार के लिए भी कीमतों को रोक पाना मुश्किल हो जाएगा और आने वाले दिनों में दाम बढ़ सकते हैं। फिलहाल ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 1.69 डॉलर के उछाल के साथ 110.72 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 0.73 डॉलर बढ़कर 112.27 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।