एजुकेशन

क्वांटम कंप्यूटिंग और मशीन लर्निंग के नए और आधुनिक कोर्स हुए लॉन्च, जानिए पात्रता और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में दाखिला पाने का सपना हर उस छात्र का होता है जो इंजीनियरिंग या तकनीकी क्षेत्र में अपना शानदार करियर बनाना चाहता है। अब तक यही माना जाता रहा है कि आईआईटी की इन प्रतिष्ठित कक्षाओं तक पहुंचने का एकमात्र और कठिन रास्ता देश की सबसे कठिन परीक्षा 'जेईई एडवांस्ड' (JEE Advanced) को क्रैक करना ही है। लेकिन बदलते वक्त और तकनीक की आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों ने छात्रों के लिए एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी अवसर खोल दिया है। अब बिना किसी जेईई स्कोर के भी देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में दाखिला लिया जा सकता है। इसके लिए संस्थानों ने आधुनिक तकनीकी युग की सबसे बड़ी मांग यानी क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) और मशीन लर्निंग (Machine Learning) जैसे अत्याधुनिक विषयों में नए और विशेष सर्टिफिकेट तथा पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स शुरू किए हैं। यह उन लाखों युवाओं के लिए एक वरदान साबित हो रहा है जो किसी कारणवश जेईई की मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे या अच्छा स्कोर नहीं ला सके थे।

आधुनिक तकनीक की मांग: क्वांटम कंप्यूटिंग और मशीन लर्निंग कोर्स के मायने

आज की इस डिजिटल और एआई (AI) आधारित दुनिया में डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें उद्योगों की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी हैं। दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां और रिसर्च संस्थान ऐसे कुशल पेशेवरों की तलाश में हैं जो इन अत्याधुनिक क्षेत्रों में महारत रखते हों। इसी उद्योग की मांग (Industry Demand) और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए आईआईटी ने अपने पारंपरिक कोर्सेस से हटकर इन विशेष और भविष्योन्मुख कार्यक्रमों की शुरुआत की है। इन कोर्सेस का मुख्य उद्देश्य छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाना है ताकि वे थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल कोडिंग, एल्गोरिदम और क्वांटम मैकेनिक्स के व्यावहारिक पहलुओं से पूरी तरह रूबरू हो सकें। इन कार्यक्रमों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि कामकाजी पेशेवर (Working Professionals) और हाल ही में स्नातक करने वाले छात्र दोनों ही आसानी से इसका लाभ उठा सकें।

बिना जेईई स्कोर के एडमिशन की यह नई और आसान प्रक्रिया

बिना जेईई स्कोर के आईआईटी में प्रवेश पाने की यह व्यवस्था छात्रों के लिए एक नया द्वार खोलती है। पारंपरिक बीटेक सीटों के अलावा शुरू किए गए इन विशेष ऑनलाइन और हाइब्रिड (Hybrid) कोर्स या एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम्स के लिए दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह से अलग और सुगम है। इसके लिए संस्थानों द्वारा अपनी खुद की प्रवेश परीक्षा, योग्यता आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट या अकादमिक रिकॉर्ड के आधार पर चयन प्रक्रिया आयोजित की जाती है। जिन छात्रों ने अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर ली है या जो कंप्यूटर साइंस, मैथ्स, फिजिक्स या इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से ताल्लुक रखते हैं, वे निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करके इन कोर्सेस के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, कई कोर्सेस में फ्लेक्सिबल लर्निंग ऑप्शंस दिए गए हैं, जिससे छात्र अपनी नौकरी या अन्य पढ़ाई के साथ-साथ देश के शीर्ष आईआईटी के प्रोफेसरों से उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

आवेदन करने के आसान चरण और छात्रों के लिए सुनहरा भविष्य

यदि आप भी बिना जेईई स्कोर के किसी प्रतिष्ठित आईआईटी से क्वांटम कंप्यूटिंग या मशीन लर्निंग जैसे फ्यूचरिस्टिक डोमेन में अपनी स्किल्स को अपग्रेड करना चाहते हैं, तो आपके पास यह बेहतरीन मौका है। आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद सरल है। सबसे पहले संबंधित आईआईटी की आधिकारिक सतत शिक्षा (Continuing Education) या ऑनलाइन पोर्टल वेबसाइट पर जाना होगा, जहां इन कोर्सेस से जुड़े नोटिफिकेशन और ब्रोशर उपलब्ध हैं। वहां दिए गए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म में अपनी शैक्षणिक योग्यता और व्यक्तिगत विवरण भरकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए आमंत्रित किया जाता है। शिक्षाविदों का मानना है कि इस तरह के आधुनिक कोर्सेस न केवल छात्रों के ज्ञान के दायरे को बढ़ाते हैं बल्कि ग्लोबल जॉब मार्केट में उनके लिए हाई-पैकेज नौकरियों के द्वार भी खोलते हैं।

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