खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश को मिलेगा नया प्रोत्साहन, किसानों और युवाओं के लिए बढ़ेंगे अवसर, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी का उद्देश्य प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने, किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। बैठक में अवगत कराया गया कि 15 जून 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर प्राप्त 12 नए निवेश प्रस्तावों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विस्तृत परीक्षण एवं तकनीकी मूल्यांकन के उपरांत सभी 12 प्रस्तावों को आवश्यक शर्तों के साथ राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (स्लेक) के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संस्तुति प्रदान की गई।
इन निवेश प्रस्तावों में सरसों तेल मिल विस्तार, कैटल फीड निर्माण इकाई, मूंगफली प्रसंस्करण परियोजना, नमकीन एवं कन्फेक्शनरी उत्पादन इकाई, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में सोलर पावर प्लांट की स्थापना, बेकरी उत्पाद विस्तार परियोजना, कोल्ड स्टोरेज एवं फ्रोजन फूड विस्तार, नमकीन एवं मिठाई उत्पादन इकाई, मल्टीग्रेन फ्लोर निर्माण तथा नवीकरणीय ऊर्जा आधारित खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाएं शामिल हैं।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि उपमुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई गति मिलेगी। किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य प्राप्त होंगे, कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन बढ़ेगा तथा कृषि एवं उद्योग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित होगा। इसके साथ ही बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को निवेश के लिए आकर्षक बनाने हेतु अनुकूल नीतिगत वातावरण प्रदान कर रही है। उत्तर प्रदेश आज देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल हो रहा है और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।