खूबसूरती का जानलेवा जुनून: घर पर ही खुद को नकली सिलिकॉन इंजेक्शन लगाने वाली युवती की दर्दनाक कहानी

आज के सोशल मीडिया के दौर में हर कोई परफेक्ट और खूबसूरत दिखना चाहता है। लेकिन जब यह चाहत एक सनक या मानसिक बीमारी का रूप ले ले, तो इसके परिणाम कितने डरावने हो सकते हैं, इसका एक जीता-जागता उदाहरण पोलैंड से सामने आया है। यहाँ एक 26 साल की युवती एल्वा ने महंगे कॉस्मेटिक क्लीनिकों की फीस से बचने के लिए इंटरनेट से नकली और बिना लाइसेंस वाले ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदे। इसके बाद उसने बिना किसी ट्रेनिंग के, घर पर ही खुद से अपने चेहरे पर सिलिकॉन के इंजेक्शन लगाना शुरू कर दिया। इस जानलेवा लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि आज उसके चेहरे की हालत बद से बदतर हो चुकी है और वे आईने में खुद को भी नहीं पहचान पा रही हैं।
मानसिक तनाव और ब्लैक मार्केट के प्रोडक्ट्स का जाल
मूल रूप से पोलैंड के एक छोटे से शहर में जन्मी एल्वा पिछले कई सालों से अपनी शारीरिक बनावट और लुक को लेकर गहरे मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। अपने चेहरे के नैन-नक्श बदलने की चाहत में उन्होंने कुछ साल पहले ब्लैक मार्केट से संदिग्ध कॉस्मेटिक उत्पाद ऑर्डर करना शुरू किया।
शुरुआत में उन्होंने खुद ही चेहरे की चर्बी घटाने वाली दवाओं के इंजेक्शन सप्ताह में दो बार अपने चेहरे पर लगाने शुरू किए। इसका उल्टा असर हुआ और उनका चेहरा जरूरत से ज्यादा पतला और पिचक गया। इस नुकसान की भरपाई करने के लिए उन्होंने इंटरनेट से इंजेक्टेबल लिपोलिसिस और नकली सिलिकॉन खरीदा और उसे दोबारा चेहरे पर इंजेक्ट करना शुरू कर दिया।
हफ्ते में एक बार से लगी रोज सुई चुभाने की खतरनाक लत
एक पोलिश समाचार आउटलेट (Polish News Outlet) को दिए इंटरव्यू में एल्वा ने बताया कि शुरुआत में वे सप्ताह में सिर्फ एक बार सिलिकॉन का इंजेक्शन लगाती थीं। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इसकी ऐसी खतरनाक लत लगी कि वे हर दिन अपने चेहरे पर खुद ही सुई चुभाने लगीं।
उस समय वे वारसॉ शहर में रह रही थीं और उनकी अधिकांश कमाई कमरे के किराए में चली जाती थी, इसलिए उनके पास किसी एक्सपर्ट डॉक्टर के पास जाने के पैसे नहीं थे। बिना किसी डॉक्टरी प्रशिक्षण और भारी मात्रा में नकली सिलिकॉन का इस्तेमाल करने के कारण एल्वा के पूरे चेहरे पर गंभीर सूजन आ गई। उनकी त्वचा पर गहरे निशान (Scars) पड़ गए हैं और उनकी आंखें सूजन के कारण लगभग पूरी तरह बंद हो चुकी हैं।
डॉक्टरों की गंभीर चेतावनी: अंधाधुंध इस्तेमाल से आंखों की रोशनी को खतरा
इस मामले पर गहरी चिंता और चेतावनी जताते हुए एस्थेटिक मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मारेक वासिलुक ने बताया कि एल्वा ने जिन उत्पादों का इस्तेमाल किया है, वे प्रमाणित नहीं हैं और सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। उन्होंने सचेत किया कि भले ही अभी कोई गंभीर संक्रमण न दिख रहा हो, लेकिन अगले छह महीनों में यह सूजन एक जानलेवा इन्फेक्शन का रूप ले सकती है, जिसमें उनकी आंखों की रोशनी को सबसे बड़ा खतरा है।
क्या कहती हैं मनोवैज्ञानिक?
मनोवैज्ञानिक पॉलिना मिएर्जेजेवस्का का मानना है कि एल्वा ‘बॉडी डिस्मॉर्फिया’ (Body Dysmorphia) नाम की एक गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं। इस बीमारी में व्यक्ति अपने वास्तविक रूप को नापसंद करने लगता है और जोखिमों की परवाह किए बिना एक काल्पनिक रूप पाने की जिद में अंधा हो जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, एल्वा को वापस सामान्य स्थिति में लाने के लिए पहले मानसिक काउंसलिंग (Mental Counseling) करनी होगी और फिर चेहरे के नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए एमआरआई (MRI) कराना होगा।
एल्वा की यह कहानी हमें सिखाती है कि इंटरनेट पर मिलने वाले शॉर्टकट और सस्ते कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स आपकी जिंदगी को किस कदर खतरे में डाल सकते हैं। किसी भी तरह के कॉस्मेटिक बदलाव के लिए हमेशा प्रमाणित डॉक्टरों और विशेषज्ञों की सलाह लेना ही एकमात्र सुरक्षित रास्ता है।