गड्ढों से मिलेगी मुक्ति, LED लाइटों से जगमगाएंगे खैर-जट्टारी: अलीगढ़-पलवल हाईवे के लिए 84 करोड़ मंजूर

अलीगढ़:अलीगढ़ और पलवल के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)ने लंबे समय से उपेक्षित पड़े अलीगढ़-पलवल मार्ग के उन हिस्सों की मरम्मत,मजबूती और सुंदरीकरण के लिए करीब84करोड़ रुपयेके भारी-भरकम प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है,जो खैर और जट्टारी जैसे कस्बों के बीच से गुजरते हैं। इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ सड़कें गड्ढा मुक्त होंगी,बल्कि कस्बेLEDलाइटों से जगमगाएंगे और हाईवे को एक आधुनिक और सुरक्षित स्वरूप मिलेगा।क्यों थी बाइपास ने बढ़ाई मुश्किल?अलीगढ़ से पलवल तक के करीब75किलोमीटर लंबे इस राष्ट्रीय राजमार्ग परNHAIद्वारा चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसके तहत खैर और जट्टारी जैसे कई कस्बों के बाहर से30किलोमीटर से अधिक लंबा बाइपासबनाया जा रहा है। बाइपास बनने से हाईवे का ट्रैफिक तो बाहर से निकल गया,लेकिन कस्बों के भीतर की पुरानी सड़क पूरी तरह उपेक्षित हो गई। नतीजा यह हुआ कि ये सड़कें गड्ढों से भर गईं,जिससे आए दिन हादसे होने लगे और गाड़ियों के फंसने से घंटों लंबा जाम लगना आम बात हो गई।जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद मिली मंजूरीइस समस्या पर जनता की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया। पिछले दिनों मंडलायुक्त और जिलाधिकारी संगीता सिंह ने सड़क की इस बदहाली पर कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बादNHAIहरकत में आया और गड्ढामुक्त अभियान के तहत इस मार्गको सुधारने का फैसला किया।खास बात यह है कि निर्माण और मरम्मत का यह काम अब लोक निर्माण विभाग (PWD)का प्रांतीय खंड करेगा,जिसके लिएNHAIसे सड़क हस्तांतरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।कैसे बदलेगी हाईवे की सूरत?इस प्रोजेक्ट के तहत कस्बे के अंदर की सड़कों को पूरी तरह नया और आधुनिक बनाया जाएगा:LEDलाइटिंग:खैर और जट्टारी कस्बों की सड़केंLEDलाइटों से रोशन की जाएंगी।गड्ढा मुक्त:पूरे मार्ग को पूरी तरह गड्ढा मुक्त किया जाएगा।हरियाली:सड़क के किनारे हरियाली विकसित कर इसे सुंदर बनाया जाएगा।सुरक्षा:रोड सेफ्टी से जुड़े तमाम इंतजाम किए जाएंगे।जानिए,कहां खर्च होगा कितना पैसास्वीकृत किए गए बजट का एक बड़ा हिस्सा सड़क की मरम्मत और मजबूती पर खर्च होगा।सड़क मरम्मत और मजबूती:₹66.99करोड़स्ट्रीट लाइट/LEDलाइट (खैर-जट्टारी):₹17.53करोड़रोड सेफ्टी के काम:₹1.33करोड़हरियाली और बागवानी:₹25लाख से अधिकइस तरह,गुणवत्ता नियंत्रण और अन्य खर्चों को मिलाकर पूरी परियोजना की कुल लागत करीब₹83.82करोड़आंकी गई है।