गौतम गंभीर को राजस्थान रॉयल्स का बंपर ऑफर मेंटर, CEO और पार्टनर बनने का प्रस्ताव

News India Live, Digital Desk : गौतम गंभीर, जो वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच हैं, उन्हें राजस्थान रॉयल्स के नए संभावित मालिकों की ओर से एक ‘ट्रिपल रोल’ का ऑफर मिला है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान रॉयल्स में मालिकाना हक (Ownership) बदलने वाला है और नए मैनेजमेंट ने गंभीर को अपनी टीम का हिस्सा बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है।क्या है राजस्थान रॉयल्स का ऑफर?आरआर के नए शेयरधारकों ने गंभीर को एक या दो नहीं, बल्कि तीन बड़ी जिम्मेदारियां एक साथ देने का प्रस्ताव रखा है:पार्टनर (Partner): उन्हें फ्रेंचाइजी में 2 से 3 प्रतिशत की हिस्सेदारी (Equity Stake) देने का ऑफर है।सीईओ (CEO): टीम के प्रशासनिक और रणनीतिक फैसलों के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद।मेंटर (Mentor): टीम की कोचिंग और ऑन-फील्ड रणनीतियों का मार्गदर्शन।क्या गंभीर यह ऑफर स्वीकार करेंगे?हालांकि यह प्रस्ताव बहुत आकर्षक है, लेकिन गंभीर के लिए इसे स्वीकार करना फिलहाल लगभग असंभव है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:हितों का टकराव (Conflict of Interest): लोढ़ा समिति की सिफारिशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक साथ भारतीय राष्ट्रीय टीम का कोच और आईपीएल फ्रेंचाइजी का हिस्सा नहीं हो सकता।मौजूदा अनुबंध: गंभीर का बीसीसीआई के साथ कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक है। वह वर्तमान में 2026 टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।राष्ट्रीय प्रतिबद्धता: सूत्रों के अनुसार, गंभीर का पूरा ध्यान फिलहाल भारतीय टीम को चैंपियन बनाने पर है, जिसमें 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना भी शामिल है।गौतम गंभीर का आईपीएल में शानदार रिकॉर्डभूमिकाफ्रेंचाइजीउपलब्धिकप्तानकोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)2 बार खिताब जीता (2012, 2014)मेंटरलखनऊ सुपर जायंट्स (LSG)लगातार 2 बार प्लेऑफ में पहुंचे (2022, 2023)मेंटरकोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)2024 में आईपीएल खिताब जीतानिष्कर्ष: क्या कोच पद से इस्तीफा देंगे गंभीर?फिलहाल ऐसी कोई संभावना नजर नहीं आ रही है कि गंभीर अपना पद छोड़ेंगे। हालांकि राजस्थान रॉयल्स का ऑफर भविष्य के लिए एक बड़ा संकेत है, लेकिन गंभीर ने हमेशा “राष्ट्र प्रथम” (Nation First) की नीति अपनाई है। उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता भारतीय टीम को आईसीसी ट्रॉफियां दिलाना है