धर्म

घर में पैसा आते ही हो जाता है गायब? सुबह उठते ही तुरंत कर लें ये 5 काम, आचार्य चाणक्य के अनुसार खिंची चली आएंगी मां लक्ष्मी

घर में पैसा आते ही हो जाता है गायब? सुबह उठते ही तुरंत कर लें ये 5 काम, आचार्य चाणक्य के अनुसार खिंची चली आएंगी मां लक्ष्मी

आज के इस भागदौड़ भरे और आधुनिक दौर में हर इंसान दिन-रात कड़ी मेहनत करता है ताकि वह खूब सारा धन कमा सके और अपने परिवार को एक बेहतर जिंदगी दे सके। लेकिन कई बार लोगों की यह आम शिकायत होती है कि वे पैसा कमाते तो बहुत हैं, लेकिन उनके घर में पैसा बिल्कुल नहीं टिकता। हाथ में धन आते ही किसी न कोई वजह से वह तुरंत खर्च हो जाता है और बरकत पूरी तरह खत्म हो जाती है। कूटनीति और अर्थशास्त्र के महान ज्ञाता आचार्य चाणक्य ने अपनी प्रसिद्ध रचना 'चाणक्य नीति' (Chanakya Niti) में इस समस्या का बेहद सटीक समाधान बताया है। चाणक्य नीति के अनुसार, अगर आप सुबह सोकर उठने के ठीक बाद 5 विशेष आदतों या कामों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेते हैं, तो आपके घर की दरिद्रता हमेशा के लिए दूर हो जाएगी और तिजोरी कभी खाली नहीं रहेगी।

सूर्योदय से पहले जागना और अपनी हथेलियों के दर्शन करना

आचार्य चाणक्य के अनुसार, दिन की शुरुआत हमेशा सूर्योदय से पहले यानी ब्रह्ममुहूर्त में होनी चाहिए। जो लोग देर तक सोते रहते हैं, उनके घर में कभी भी सकारात्मक ऊर्जा का वास नहीं होता और मां लक्ष्मी उनसे हमेशा रुष्ट रहती हैं। सुबह उठते ही सबसे पहले अपने बिस्तर पर बैठकर अपनी दोनों हथेलियों को आपस में मिलाकर देखना चाहिए। सनातन परंपरा में माना जाता है कि हथेलियों के अग्र भाग में मां लक्ष्मी, मध्य में मां सरस्वती और मूल भाग में भगवान गोविंद का वास होता है। ऐसा करने से दिन की शुरुआत बेहद सकारात्मक होती है और व्यक्ति का भाग्य चमकने लगता है।

धरती माता का स्पर्श कर क्षमा मांगना और नमन करना

बिस्तर छोड़ने से पहले अपने पैरों को जमीन पर रखने से पहले धरती माता को छूकर प्रणाम करना चाणक्य नीति में बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है। धरती मां हमारा पूरा बोझ उठाती हैं, इसलिए सुबह उठते ही उनका आभार व्यक्त करना और उन पर पैर रखने के लिए क्षमा मांगना इंसान के भीतर विनम्रता और कृतज्ञता की भावना पैदा करता है। जो इंसान प्रकृति और अपनी भूमि का सम्मान करना जानता है, उस पर ईश्वर की कृपा हमेशा बनी रहती है और उसे अपने हर कार्य में अप्रत्याशित सफलता मिलती है।

माता-पिता और घर के बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना

आचार्य चाणक्य का साफ कहना है कि जिस घर में बुजुर्गों का अपमान होता है, वहां साक्षात लक्ष्मी भी निवास नहीं करतीं। सुबह तैयार होने के बाद अपने माता-पिता और घर के वरिष्ठ सदस्यों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद जरूर लें। बुजुर्गों के आशीर्वाद में इतनी ताकत होती है कि वह आपके बड़े से बड़े संकट को भी टाल सकता है। जिस घर के बच्चे अपने बड़ों का आदर करते हैं, उस घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हमेशा बना रहता है और नकारात्मक शक्तियां कोसों दूर रहती हैं।

ईश्वर का ध्यान और गायत्री मंत्र या गुरु मंत्र का जाप

सुबह के समय मन बेहद शांत और एकाग्र होता है। चाणक्य नीति के मुताबिक, नित्य क्रियाओं और स्नान से निवृत्त होने के बाद कुछ समय ईश्वर की आराधना और ध्यान में जरूर बिताना चाहिए। अपने इष्ट देव के सामने दीपक जलाएं और गायत्री मंत्र या अपने गुरु मंत्र का शांत मन से जाप करें। यह आदत आपके भीतर के तनाव को पूरी तरह खत्म कर देती है और कार्यक्षेत्र में सही फैसले लेने की मानसिक शक्ति प्रदान करती है। मानसिक शांति ही आर्थिक उन्नति का सबसे मुख्य आधार मानी जाती है।

पक्षियों को दाना डालना और पहली रोटी गाय को देना

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में दान और जीव दया को सबसे बड़ा धर्म बताया है। सुबह के समय अपने घर की छत या बालकनी में पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था जरूर करें। इसके अलावा, घर में बनने वाली पहली रोटी में थोड़ा सा घी और गुड़ मिलाकर गाय को खिलाना एक अचूक उपाय माना गया है। गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है, इसलिए सुबह के समय किया गया यह छोटा सा काम आपके घर के सभी वास्तु दोषों और पितृ दोषों को हमेशा के लिए शांत कर देता है, जिससे घर में धन का ठहराव होने लगता है और सुख-समृद्धि का वास होता है।

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