चेकबुक खो गई या चोरी हो गई? तुरंत करें ये 4 जरूरी काम; मिनटों में खाली हो सकता है बैंक खाता, जानिए सेफ रहने का पूरा प्रोसेस

डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई (UPI) के दौर में भी चेक के जरिए लेन-देन को सबसे अधिक आधिकारिक और कानूनी रूप से बाध्यकारी माध्यम माना जाता है। लेकिन जरा सोचिए, अगर आपकी पूरी चेकबुक या उसमें से साइन किया हुआ कोई एक चेक अचानक कहीं गिर जाए या चोरी हो जाए, तो क्या होगा? चेकबुक का गलत हाथों में पड़ना किसी बड़े वित्तीय खतरे की घंटी है। जालसाज जाली हस्ताक्षर (Forged Signature) करके या चेक पर लिखे विवरण में हेरफेर करके आपके बैंक खाते से चंद मिनटों में गाढ़ी कमाई साफ कर सकते हैं।
यदि आपकी भी चेकबुक गुम हो गई है, तो घबराने के बजाय तत्काल कुछ अहम कदम उठाएं ताकि आपका खाता किसी भी प्रकार के अनधिकृत लेन-देन से पूरी तरह सुरक्षित रह सके।
1. तुरंत 'Stop Payment' रिक्वेस्ट दर्ज करें और चेकबुक को ब्लॉक कराएं
चेकबुक खोने की स्थिति में आपकी पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता उस चेकबुक के सभी अनप्रयुक्त (Unused) चेकों के भुगतान को तुरंत रुकवाना है।
-
मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग का इस्तेमाल: अपने बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप (जैसे SBI YONO, HDFC MobileBanking, iMobile आदि) या नेट बैंकिंग में लॉगिन करें। 'Cheque Management' या 'Service Requests' सेक्शन में जाएं और 'Stop Payment of Cheque' या 'Revoke / Block Entire Cheque Book' का विकल्प चुनें। वहां खोई हुई चेकबुक की चेक नंबर सीरीज (जैसे चेक नंबर 000101 से 000125 तक) दर्ज करके तुरंत स्टॉप पेमेंट लगा दें।
-
बैंक कस्टमर केयर को कॉल करें: यदि इंटरनेट एक्सेस उपलब्ध नहीं है, तो अपने बैंक के 24×7 अधिकृत टोल-फ्री कस्टमर केयर नंबर पर तुरंत कॉल करें। अपनी पहचान सत्यापित (IVR/TPIN) कराएं और एग्जीक्यूटिव से पूरी चेकबुक या विशेष चेक नंबरों पर तत्काल प्रभाव से 'स्टॉप पेमेंट' लगाने का अनुरोध करें।
2. बैंक की होम ब्रांच में लिखित शिकायत और रसीद लें
डिजिटल माध्यम से स्टॉप पेमेंट लगाने के बाद भी अपनी बैंक शाखा (Home Branch) जाकर औपचारिक प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक होता है।
-
लिखित आवेदन: शाखा प्रबंधक (Branch Manager) के नाम एक लिखित पत्र दें, जिसमें खाता संख्या, चेकबुक जारी होने की तारीख और खोए हुए चेकों की सटीक सीरीज का स्पष्ट उल्लेख हो।
-
अनाधिकृत निकासी पर सुरक्षा: लिखित सूचना बैंक रिकॉर्ड में दर्ज होने के बाद यदि कोई व्यक्ति जाली चेक पेश करता है, तो बैंक सिस्टम उसे क्लियर नहीं करेगा। आवेदन की एक पावती (Acknowledged Copy / रिसीविंग) अपने पास सुरक्षित रखें, जो भविष्य में किसी कानूनी विवाद के समय आपके बचाव का सबसे बड़ा सबूत बनेगी।
3. स्थानीय पुलिस थाने या साइबर सेल में दर्ज कराएं शिकायत (NCR / FIR)
यदि आपको संदेह है कि चेकबुक गुम नहीं हुई बल्कि जानबूझकर चोरी की गई है, या उस पर आपके हस्ताक्षर पहले से मौजूद थे, तो तुरंत पुलिस का सहारा लें।
-
एनसीआर/जीडी दर्ज कराएं: अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर चेकबुक चोरी या गुमशुदगी की गैर-संज्ञेय रिपोर्ट (NCR/GD) दर्ज कराएं।
-
ऑनलाइन पोर्टल: कई राज्यों की पुलिस वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स पर 'Lost & Found' रिपोर्ट दर्ज करने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है।
-
बैंक में कॉपी जमा करें: पुलिस रिपोर्ट की एक कॉपी अपने बैंक में जमा करा दें। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि यदि जालसाज ने चेक बाउंस कराकर आपके खिलाफ 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' (NI Act) की धारा 138 के तहत फर्जी केस दर्ज कराने की कोशिश की, तो पुलिस रिपोर्ट यह साबित कर देगी कि चेक खो चुका था और आपके द्वारा जारी नहीं किया गया था।
4. 'पॉजिटिव पे सिस्टम' (Positive Pay System – PPS) को हमेशा एक्टिव रखें
आरबीआई (RBI) द्वारा शुरू किया गया 'पॉजिटिव पे सिस्टम' चेक फ्रॉड से बचने का सबसे आधुनिक सुरक्षा कवच है।
-
क्या है नियम: इस व्यवस्था के तहत जब भी आप ₹50,000 या ₹5 लाख से अधिक का चेक किसी को जारी करते हैं, तो आपको नेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप, एसएमएस या एटीएम के माध्यम से उस चेक के 6 प्रमुख विवरण (चेक नंबर, तारीख, लाभार्थी का नाम, खाता संख्या और राशि) बैंक को पहले ही सूचित करने होते हैं।
-
फ्रॉड से बचाव: जब वह चेक क्लियरिंग के लिए बैंक पहुंचता है, तो बैंक आपके द्वारा पहले दिए गए डेटा से उसका मिलान करता है। यदि कोई भी जानकारी मैच नहीं होती, तो चेक रिजेक्ट हो जाता है। अपने बैंक खाते पर पॉजिटिव पे सर्विस को हमेशा इनेबल रखें।
चेकबुक का उपयोग करते समय इन जरूरी सावधानियों का रखें ध्यान
भविष्य में चेक फ्रॉड के जोखिम से बचने के लिए बुनियादी वित्तीय सुरक्षा नियमों का हमेशा पालन करें:
-
कभी भी चेक पर पहले से हस्ताक्षर (Blank Signed Cheque) करके न रखें।
-
चेक पर नाम और धनराशि लिखते समय शब्दों के बीच में खाली जगह न छोड़ें और नाम व राशि के अंत में 'Only / /-' अवश्य लगाएं।
-
किसी व्यक्ति के नाम पर चेक काटते समय हमेशा ऊपर बाईं ओर दो तिरछी लाइनें खींचकर 'Account Payee' (A/C Payee Only) जरूर लिखें ताकि चेक का पैसा सीधे बैंक खाते में ही जाए, कोई काउंटर से नकद न निकाल सके।
-
नई चेकबुक प्राप्त करते ही उसमें मौजूद पहले 'रिकॉर्ड स्लिप' (Record Slip) पर सभी चेक नंबर नोट करके रखें।