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टोल टैक्स घटाओ वरना तेल रोक देंगे! पाकिस्तान में ऑयल टैंकर ड्राइवरों की हड़ताल से खड़ा हुआ भीषण पेट्रोल संकट

पड़ोसी देश पाकिस्तान में पहले से ही खराब आर्थिक हालातों के बीच अब एक नया और बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सरकार द्वारा नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी किए जाने के विरोध में पाकिस्तान के ऑयल टैंकर एसोसिएशन और ऑल पाकिस्तान ट्रक ट्रेलर्स एसोसिएशन ने देशव्यापी अनिश्चितकालीन चक्का जाम हड़ताल की शुरुआत कर दी है। ड्राइवरों का साफ कहना है कि जब तक सरकार बढ़ा हुआ टोल टैक्स वापस नहीं लेती, तब तक वे तेल डिपो से पेट्रोल और डीजल का परिवहन पूरी तरह ठप्प रखेंगे। इस हड़ताल के कारण पूरे पाकिस्तान में ईंधन की सप्लाई ठप्प होने की कगार पर पहुंच गई है।

टोल टैक्स में 100 से 300 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी से भड़का गुस्सा

ऑयल टैंकर ऑल पाकिस्तान एसोसिएशन के नेताओं का आरोप है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHA) ने रातों-रात टोल टैक्स की दरों में 100 से लेकर 300 प्रतिशत तक की अभूतपूर्व बढ़ोतरी कर दी है। उनका कहना है कि पहले से ही महंगाई, महंगे डीजल और स्पेयर पार्ट्स की मार झेल रहे ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टरों के लिए इतना भारी टोल टैक्स देना मुमकिन नहीं है। हड़ताल पर बैठे ड्राइवरों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि उनकी मांगें तुरंत पूरी नहीं की गईं, तो वे कराची, लाहौर, इस्लामाबाद और रावलपिंडी समेत सभी प्रमुख शहरों के लिए पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरी तरह रोक देंगे।

शहरों में पेट्रोल पंप बंद होने का डर, आम जनता में मची अफरा-तफरी

ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की खबर फैलते ही पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में आम जनता के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं, क्योंकि लोगों को डर है कि अगले 24 से 48 घंटों में तेल पूरी तरह खत्म हो जाएगा। कई इलाकों में तो सप्लाई न पहुंचने के कारण पेट्रोल पंपों पर 'स्टॉक खत्म' के बोर्ड लटका दिए गए हैं। ट्रांसपोर्टरों की इस एकजुटता ने शहबाज़ शरीफ सरकार को बैकफुट पर ला दिया है।

सरकार से बातचीत बेनतीजा, ट्रांसपोर्टर आर-पार की लड़ाई के मूड में

सरकारी अधिकारियों और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच हुई शुरुआती दौर की बातचीत बेनतीजा रही। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सरकार सिर्फ कोरे आश्वासन दे रही है, जबकि वे नोटिफिकेशन रद्द होने तक अपनी गाड़ियों के पहिये नहीं हिलाएंगे। यदि यह चक्का जाम दो दिन और जारी रहता है, तो पाकिस्तान में न केवल आम यातायात ठप्प हो जाएगा, बल्कि माल ढुलाई रुकने से खाने-पीने की जरूरी चीजों की सप्लाई पर भी बुरा असर पड़ेगा, जिससे देश में महंगाई और भड़क सकती है।

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