विदेश

ट्रंप प्रशासन में बड़ा उलटफेर एफबीआई चीफ कश पटेल और आर्मी सेक्रेटरी डेनियल ड्रिस्कॉल का इस्तीफा

News India Live, Digital Desk: अमेरिकी राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शुरू होने के कुछ ही समय बाद उनके प्रशासन में बड़े इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। ट्रंप के बेहद भरोसेमंद माने जाने वाले एफबीआई (FBI) डायरेक्टर कश पटेल और आर्मी सेक्रेटरी डेनियल ड्रिस्कॉल ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इन हाई-प्रोफाइल इस्तीफों ने न केवल वाशिंगटन डीसी, बल्कि पूरी दुनिया के राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है।कश पटेल का इस्तीफा: क्या ट्रंप की ‘डीप स्टेट’ वाली जंग पर लगेगा ब्रेक?भारतीय मूल के कश पटेल को ट्रंप ने एफबीआई में आमूलचूल बदलाव करने और तथाकथित ‘डीप स्टेट’ को खत्म करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। उनके कार्यकाल के दौरान एफबीआई के भीतर कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी थी। कश पटेल का अचानक पद छोड़ना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या उन पर किसी तरह का अंदरूनी दबाव था या फिर ट्रंप प्रशासन किसी नई और बड़ी रणनीति की तैयारी में है? उनके इस्तीफे के बाद अब एफबीआई के अगले नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।डेनियल ड्रिस्कॉल ने क्यों छोड़ा आर्मी सेक्रेटरी का पद?सिर्फ एफबीआई ही नहीं, बल्कि अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) में भी बड़ी हलचल देखी जा रही है। आर्मी सेक्रेटरी डेनियल ड्रिस्कॉल के इस्तीफे ने सैन्य गलियारों में सनसनी फैला दी है। ड्रिस्कॉल को अमेरिकी सेना के आधुनिकीकरण और वैश्विक तनावों के बीच सैन्य तैयारियों को पुख्ता करने का जिम्मा मिला था। हालांकि, अभी तक उनके इस्तीफे के पीछे के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि नीतिगत मतभेद या प्रशासन के भीतर बढ़ते दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है।ट्रंप की टीम में इस्तीफों की झड़ी: क्या प्रशासन में कोई बड़ी दरार है?एक के बाद एक दो बड़े अधिकारियों के जाने से यह चर्चा जोरों पर है कि क्या ट्रंप के ‘कोर ग्रुप’ में सब कुछ ठीक है? राष्ट्रपति ट्रंप अपनी सख्त कार्यशैली और त्वरित फैसलों के लिए जाने जाते हैं। जानकारों का कहना है कि ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में किसी भी तरह की सुस्ती या बाधा बर्दाश्त नहीं करना चाहते। इन इस्तीफों को प्रशासन की ‘सफाई’ (Shuffling) के तौर पर भी देखा जा रहा है ताकि नए और ज्यादा आक्रामक चेहरों को जगह दी जा सके।व्हाइट हाउस की चुप्पी और भविष्य की चुनौतियांइन इस्तीफों पर अभी तक व्हाइट हाउस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन इन बदलावों का सीधा असर अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा और सैन्य नीतियों पर पड़ना तय है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और चीन-रूस की चुनौतियों के बीच इन महत्वपूर्ण पदों का खाली होना या नए चेहरों का आना वैश्विक राजनीति की दिशा बदल सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप इन खाली पदों पर किसे नियुक्त करते हैं और क्या यह सिलसिला अभी और आगे बढ़ेगा।

Back to top button