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ट्विंकल खन्ना ने बच्चों को दी डेटिंग की अनोखी सलाह, आरव को बताया कोमल दिल वाला

News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड की ‘मिसेज फनीबोन्स’ यानी ट्विंकल खन्ना अपनी बेबाकी और मजेदार अंदाज के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने बच्चों, आरव और नितारा की परवरिश और उनकी ‘डेटिंग लाइफ’ को लेकर कुछ ऐसे खुलासे किए हैं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। ट्विंकल ने बताया कि आखिर क्यों वह अपने बेटे और बेटी को डेटिंग को लेकर बिल्कुल अलग-अलग सलाह देती हैं। उनके मुताबिक, आरव का दिल बहुत ‘सॉफ्ट’ है, इसलिए उन्हें उसकी ज्यादा फिक्र रहती है।आरव के लिए क्यों डरती हैं ट्विंकल? ‘वो बहुत जल्दी इमोशनल हो जाता है’अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना के बड़े बेटे आरव अब युवा हो चुके हैं। ट्विंकल ने एक पॉडकास्ट के दौरान साझा किया कि आरव स्वभाव से बहुत ही सौम्य और ‘सॉफ्ट हार्टेड’ हैं। उन्होंने कहा, “आरव एक ऐसा लड़का है जो भावनाओं में जल्दी बह जाता है। इसलिए मैं उसे हमेशा कहती हूँ कि डेटिंग की दुनिया में थोड़ा संभलकर रहे। मुझे डर लगता है कि कोई उसका दिल न तोड़ दे, क्योंकि वह हर रिश्ते को बहुत गंभीरता से लेता है।”बेटी नितारा को दी ‘धाकड़’ सलाह: ‘किसी से दबना मत’वहीं, जब बात उनकी छोटी बेटी नितारा की आती है, तो ट्विंकल का अंदाज बिल्कुल बदल जाता है। ट्विंकल चाहती हैं कि उनकी बेटी एक मजबूत और स्वतंत्र महिला बने। उन्होंने बताया, “नितारा को मेरी सलाह बिल्कुल अलग है। मैं चाहती हूँ कि वह अपनी सीमाओं (Boundaries) को समझे और कभी किसी के दबाव में न आए। उसे पता होना चाहिए कि उसे अपनी शर्तों पर जिंदगी कैसे जीनी है।”पेरेंटिंग स्टाइल: अक्षय और ट्विंकल के बीच का संतुलनट्विंकल ने बताया कि उनके घर में बच्चों के साथ बातचीत बहुत खुली होती है। जहाँ अक्षय कुमार बच्चों को अनुशासन और फिजिकल फिटनेस की सीख देते हैं, वहीं ट्विंकल उन्हें इमोशनल इंटेलिजेंस और दुनिया की कड़वी हकीकत के बारे में जागरूक करती हैं। ट्विंकल का मानना है कि आज के दौर में बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना सबसे बड़ी चुनौती है।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ‘मम्मी’ का ये अंदाजअमर उजाला की इस रिपोर्ट में गौर करने वाली बात यह है कि ट्विंकल के इस बयान की कई माता-पिता तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि हर बच्चे का स्वभाव अलग होता है, इसलिए उनकी काउंसलिंग भी अलग होनी चाहिए। आरव को ‘सॉफ्ट हार्टेड’ बताना यह दर्शाता है कि एक मां अपने बच्चों की छोटी-छोटी भावनाओं को कितनी गहराई से समझती है।

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