डॉक्टर बनने की दौड़ में कौन सा कोर्स है सबसे भारी? एमबीबीएस, बीडीएस और बीएएमएस में किस पढ़ाई के बाद होती है सबसे मोटी कमाई

देशभर के लाखों युवाओं का सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना और एक शानदार करियर बनाना होता है। जब मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम (NEET) के नतीजे आते हैं, तो हर छात्र और उसके अभिभावक के सामने सबसे बड़ा और उलझन भरा सवाल यही खड़ा होता है कि वे एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS) या फिर बीएएमएस (BAMS) में से किस मेडिकल कोर्स का चुनाव करें। तीनों ही पाठ्यक्रम चिकित्सा जगत के प्रतिष्ठित हिस्से हैं, लेकिन जब बात भविष्य की सुरक्षा, सामाजिक रसूख और सबसे ज्यादा पैसों की कमाई की आती है, तो इन तीनों कोर्स के बीच का अंतर समझना बहुत जरूरी हो जाता है। आइए आज विस्तार से जानते हैं कि किस मेडिकल डिग्री में करियर की असली ताकत और सबसे मोटी कमाई छिपी है।
एमबीबीएस (MBBS): चिकित्सा जगत का राजा और बेशुमार कमाई का सबसे बड़ा जरिया
मेडिकल फील्ड की बात हो और एमबीबीएस का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। एमबीबीएस को हमेशा से ही डॉक्टर बनने की दुनिया का सबसे प्रमुख और पावरफुल कोर्स माना गया है। इस पांच-साढ़े पांच साल की कठिन डिग्री को पूरा करने के बाद छात्रों के पास जनरल फिजिशियन से लेकर सर्जन बनने तक के अनगिनत रास्ते खुल जाते हैं। कमाई के मामले में एमबीबीएस का पलड़ा सबसे भारी रहता है। सरकारी अस्पतालों में आकर्षक सैलरी पैकेज के साथ-साथ निजी प्रैक्टिस (प्राइवेट क्लिनिक) और बड़े कॉरपोरेट अस्पतालों में इस डिग्री की डिमांड सबसे ज्यादा है। यदि डॉक्टर आगे चलकर एमडी (MD) या एमएस (MS) जैसी स्पेशलाइजेशन की डिग्रियां हासिल कर लेते हैं, तो उनकी गिनती देश के सबसे ज्यादा कमाने वाले पेशेवरों में होने लगती है।
बीडीएस (BDS): दंत चिकित्सा में बढ़ता दायरा और प्राइवेट प्रैक्टिस का शानदार स्कोप
डेंटल सर्जरी यानी बीडीएस (BDS) करने वाले छात्र खुद को डेंटिस्ट के रूप में स्थापित करते हैं। पिछले कुछ दशकों में शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में डेंटल केयर को लेकर लोगों में जागरूकता बहुत तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते बीडीएस प्रोफेशनल्स की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। शुरुआती दौर में बीडीएस स्नातकों को एमबीबीएस के मुकाबले थोड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है, लेकिन जो युवा खुद का आधुनिक डेंटल क्लिनिक खोल लेते हैं या महानगरों में अपनी प्रैक्टिस जमा लेते हैं, वे शुरुआती निवेश के बाद काफी मोटी कमाई कर लेते हैं। हालांकि, इसमें सफलता पूरी तरह से आपके हाथों की कला, क्लिनिक की लोकेशन और मरीजों के साथ आपके संवाद पर निर्भर करती है।
बीएएमएस (BAMS): आयुर्वेदिक चिकित्सा की ग्लोबल डिमांड और नया स्वर्णिम दौर
पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद से जुड़ा कोर्स बीएएमएस (BAMS) पिछले कुछ सालों में करियर के लिहाज से एक नया पावरहाउस बनकर उभरा है। आज के इस दौर में जब लोग नेचुरल और केमिकल-फ्री लाइफस्टाइल की तरफ लौट रहे हैं, तब बीएएमएस डॉक्टरों की मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है। यदि आप सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में डॉक्टर बनना चाहते हैं या अपना खुद का हर्बल और आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर खोलते हैं, तो इसमें कमाई की असीम संभावनाएं हैं। हालांकि, एमबीबीएस के मुकाबले शुरुआती आमदनी थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के बाद आयुर्वेद चिकित्सक भी आज के समय में लाखों रुपये महीने की आसानी से कमाई कर रहे हैं।