मनोरंजन

‘दलेर पाजी शराब नहीं पीते’: सिंगर दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे राजपाल यादव, उत्तराखंड के मंत्री को दी सोच-समझकर बोलने की नसीहत

मशहूर पंजाबी पॉप गायक दलेर मेहंदी को लेकर उपजे हालिया राजनीतिक और सार्वजनिक विवाद के बीच बॉलीवुड के दिग्गज हास्य अभिनेता राजपाल यादव उनके समर्थन में मजबूती से खड़े हो गए हैं। उत्तराखंड सरकार के एक मंत्री द्वारा दलेर मेहंदी के नाम को शराब या नशे से जोड़कर दिए गए कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजपाल यादव ने स्पष्ट किया कि दलेर पाजी एक बेहद सात्विक, अनुशासित और धार्मिक प्रवृत्ति के इंसान हैं, जो शराब को हाथ तक नहीं लगाते। सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार और संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को किसी भी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कलाकार की छवि पर अनर्गल टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की पूरी जानकारी रखनी चाहिए। राजपाल यादव के इस खुलकर सामने आने के बाद कला, संगीत और राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर नई बहस छिड़ गई है।

क्या था पूरा मामला जिसने पकड़ा तूल?

विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब उत्तराखंड में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम या प्रेस वार्ता के दौरान राज्य के एक कैबिनेट मंत्री ने शराब और सामाजिक आचरण पर टिप्पणी करते हुए उदाहरण के तौर पर पॉप सिंगर दलेर मेहंदी के नाम का अनुचित संदर्भ में उल्लेख कर दिया था। मंत्री के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही दलेर मेहंदी के प्रशंसकों, सिख समुदाय और संगीत जगत से जुड़े कलाकारों ने गहरी नाराजगी जाहिर की थी। लोगों का कहना था कि बिना किसी आधार के एक ऐसे लीजेंड्री सिंगर पर लांछन लगाना गलत है, जिन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है और जो पर्यावरण संरक्षण से लेकर पौधरोपण अभियानों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

‘दलेर पाजी सात्विक हैं, उन्हें बदनाम न करें’: राजपाल यादव की दो-टूक

इस पूरे घटनाक्रम पर मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए अपनी दो-टूक राय रखते हुए राजपाल यादव ने कहा कि वे दलेर मेहंदी को पिछले कई दशकों से बेहद करीब से जानते हैं। राजपाल ने कहा, "दलेर पाजी का पूरा जीवन अनुशासन और संगीत की साधना को समर्पित रहा है। वे शराब को कभी छूते तक नहीं हैं। जो व्यक्ति मंच पर केवल अपनी सकारात्मक ऊर्जा और सुरों से करोड़ों लोगों को झूमने पर मजबूर कर देता है, उसके बारे में इस तरह की हल्की और बेबुनियाद बातें करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"

राजपाल यादव ने उत्तराखंड के संबंधित मंत्री का सीधे तौर पर नाम लिए बिना उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति सरकार में मंत्री या किसी उच्च पद पर होता है, तो उसकी वाणी और शब्दों का समाज में बड़ा असर होता है। ऐसे में नेताओं को सस्ती लोकप्रियता या भाषणों में तालियां बटोरने के लिए किसी भी प्रतिष्ठित कलाकार के मान-सम्मान को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कलाकारों की कोई राजनीतिक सीमा नहीं होती, वे देश की सांस्कृतिक धरोहर होते हैं, इसलिए उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

संगीत और कला जगत से भी उठी माफी की मांग

दलेर मेहंदी के पक्ष में राजपाल यादव के इस बयान का अन्य कलाकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी पुरजोर समर्थन किया है। कई जाने-माने संगीतकारों और गायकों ने कहा कि दलेर मेहंदी ने हमेशा नशामुक्ति और सात्विक जीवन शैली का संदेश दिया है। उनके ऊर्जावान गानों का मतलब यह कतई नहीं है कि उनकी व्यक्तिगत जीवनशैली को गलत संदर्भ में पेश किया जाए। विवाद बढ़ने के बाद अब विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने भी उत्तराखंड के मंत्री से अपने गैर-जिम्मेदाराना बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने और माफी मांगने की मांग तेज कर दी है।

Back to top button