उत्तर प्रदेश

दिल्ली-गुजरात जाना भूल जाइए! पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे गाजीपुर में बनने जा रहा है रोजगार का ‘नया अड्डा’

जब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway)बना था,तो सपना यही था कि सफर आसान हो। लेकिन अब यह एक्सप्रेसवे सिर्फ तेज रफ़्तार गाड़ियों का रास्ता नहीं,बल्कि तरक्की का रनवे बनने जा रहा है। अगर आप गाजीपुर,मऊ या बलिया के आसपास के हैं,तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकती है।एक्सप्रेसवे के किनारेगाजीपुर जिले के मुहम्मदाबादमें एक विशाल’इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ (औद्योगिक गलियारा)बनाने की तैयारी जोरों पर है। यानी अब बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां आपके घर के आंगन में लगेंगी।1000एकड़ में बिछेगा उद्योगों का जालयह प्रोजेक्ट कोई छोटा-मोटा नहीं है। यूपीडा (UPEIDA)ने इसके लिए बड़ा प्लान तैयार किया है।कितनी जमीन:मुहम्मदाबाद इलाके के13गांवोंकी करीब1000एकड़ जमीनका इस्तेमाल किया जाएगा।काम कहां तक पहुंचा:अच्छी खबर यह है कि करीब369एकड़जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। बाकी बची631एकड़ जमीन को भी किसान और प्रशासन मिलकर जल्द से जल्द एक्वायर (Acquire)कर रहे हैं। जिस तेजी से काम चल रहा है,उससे लगता है कि जल्द ही यहाँ निर्माण का शोर सुनाई देगा।अब’परदेस’नहीं जाना पड़ेगा (Jobs & Migration)पूर्वांचल का दर्द हमेशा से’पलायन’रहा है। रोजगार की तलाश में यहाँ के युवाओं और कारीगरों को दिल्ली,मुंबई,गुजरात या सूरत जाकर धक्के खाने पड़ते हैं। यह कॉरिडोर इस तस्वीर को बदल देगा।किनको होगा फायदा:गाजीपुर तो सेंटर है ही,लेकिन इसका फायदा पड़ोसी जिलों को भी मिलेगा।जौनपुर,आजमगढ़,गोरखपुर,बलियाऔर बनारस के लोगों को घर के पास ही नौकरी और बिजनेस के मौके मिलेंगे।UPEIDAकी कमान,योगी सरकार का विजनउत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने इसकी पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली है। मकसद साफ़ है-जैसे ही जमीन का काम पूरा होगा,यहाँ इंडस्ट्रियल यूनिट्स (कारखाने) लगने शुरू हो जाएंगे। सरकार इसे यूपी का अगला बड़ा’निवेश केंद्र’बनाना चाहती है ताकि स्थानीय कारीगरों के हुनर को यहीं मंच मिले।तो तैयार रहिये,आने वाले वक्त में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे सिर्फ खेतों की हरियाली नहीं,बल्कि खुशहाली की फैक्ट्रियां भी नजर आएंगी!

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