एजुकेशन

दोस्त की तरक्की, पड़ोसी की चमचमाती कार या दूसरों की सफलता देखकर उड़ गई है रातों की नींद

दोस्त की तरक्की, पड़ोसी की चमचमाती कार या दूसरों की सफलता देखकर उड़ गई है रातों की नींद

आज के सोशल मीडिया और दिखावे के दौर में हर दूसरा इंसान दूसरों की खुशियों और कामयाबी को देखकर अंदर ही अंदर घुट रहा है। किसी करीबी दोस्त को मल्टीनेशनल कंपनी में बड़ा पद मिलना, पड़ोसी के घर के बाहर नई चमचमाती कार का आकर खड़ा होना या रिश्तेदारों के बच्चों की ऊंची छलांग अक्सर लोगों को मानसिक तनाव और डिप्रेशन की ओर धकेल देती है। लोग दिन-रात अपनी तुलना दूसरों से करने लगते हैं और खुद को कमतर आंकने की बहुत बड़ी भूल कर बैठते हैं। इसी आधुनिक मानसिक समस्या और जीवन के कड़वे सच को लेकर दुनिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन और परोपकारी बिल गेट्स ने एक ऐसी बात कही है, जो सीधे इंसानी दिमाग पर चोट करती है और उसे सही रास्ता दिखाती है।

बिल गेट्स का वो ऐतिहासिक मंत्र जिसने करोड़ों युवाओं की सोच और जिंदगी की दिशा को बदल दिया माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का मानना है कि इस दुनिया में हर इंसान की परिस्थितियां, अवसर और क्षमताएं बिल्कुल अलग होती हैं। उन्होंने सफलता को लेकर युवाओं को आगाह करते हुए कहा था, "अगर आप इस दुनिया में अपनी तुलना किसी और से कर रहे हैं, तो आप सीधे तौर पर खुद का सबसे बड़ा अपमान कर रहे हैं।" गेट्स के इस विचार का सीधा और गहरा मतलब यह है कि जब आप दूसरों की सफलता को देखकर परेशान होते हैं, तो आप अपनी खुद की काबिलियत, अपने संघर्ष और अपनी यूनिक पहचान को पूरी तरह खारिज कर देते हैं। हर व्यक्ति की टाइमलाइन अलग होती है; कोई 22 साल की उम्र में करोड़पति बनता है तो कोई 50 साल की उम्र में अपनी असली पहचान पाता है, इसलिए दूसरों के चैप्टर 20 की तुलना अपने चैप्टर 1 से करना पूरी तरह बेमानी है।

नकारात्मकता को छोड़कर खुद को कैसे बनाएं बेहतर, कामयाबी का असली फॉर्मूला जानिए अगर आप वाकई जीवन में कुछ बड़ा और असाधारण हासिल करना चाहते हैं, तो दूसरों की गाड़ी, नौकरी या बैंक बैलेंस पर नजर रखने के बजाय अपनी पूरी ऊर्जा को खुद को अपग्रेड करने में लगाएं। बिल गेट्स के मुताबिक, प्रतियोगिता हमेशा खुद से होनी चाहिए कि आप बीते हुए कल की तुलना में आज कितने बेहतर इंसान और प्रोफेशनल बने हैं। जब आप अपनी तुलना दूसरों से करना बंद कर देते हैं, तो आपका दिमाग ईर्ष्या और हीन भावना से मुक्त होकर नए विचारों और रचनात्मकता पर ध्यान केंद्रित करने लगता है। अपनी असफलताओं से सीखें, अपनी छोटी-छोटी जीतों का जश्न मनाएं और निरंतर मेहनत करते रहें, क्योंकि जो वक्त आप दूसरों को देखने में बर्बाद कर रहे हैं, वही वक्त आपकी खुद की किस्मत बदल सकता है।

Back to top button