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नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस ने पलटा पासा: फडणवीस और गडकरी के गढ़ में बीजेपी को दी पटखनी, MVA ने जीतीं 3 सीटें

देश के कई राज्यों में हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजे अब पूरी तरह से सामने आ चुके हैं, और इन परिणामों ने भारतीय राजनीति में एक बार फिर से गर्माहट पैदा कर दी है। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने और विपक्षी खेमे में जोश भरने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के दो सबसे कद्दावर दिग्गजों—महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृह नगर तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्य मुख्यालय वाले शहर नागपुर (Nagpur) में कांग्रेस पार्टी ने बाजी पलट दी है। नागपुर स्नातक (Graduate) एमएलसी सीट पर कड़े मुकाबले के बाद कांग्रेस ने जीत का परचम लहराते हुए बीजेपी को एक बड़ा झटका दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि नागपुर के इस महासंग्राम में कांग्रेस ने कैसे पासा पलटा और महाराष्ट्र की अन्य विधान परिषद सीटों पर क्या सियासी समीकरण रहे हैं।

नागपुर स्नातक एमएलसी सीट पर अभिजीत वंजारी की शानदार जीत, बीजेपी को मिली करारी शिकस्त

महाराष्ट्र विधान परिषद की कुल 5 सीटों के लिए हुए चुनावों के शुरुआती दौर में विपक्षी दलों का खाता नहीं खुल रहा था, लेकिन बुधवार रात और गुरुवार तड़के तक चले मैराथन मतगणना के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र की बेहद प्रतिष्ठापूर्ण सीट पर एक बेहद कड़े और सांस रोक देने वाले मुकाबले में कांग्रेस उम्मीदवार तथा मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी (Abhijit Wanjari) ने शानदार विजय हासिल की है।

अभिजीत वंजारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और बीजेपी उम्मीदवार सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी है। नागपुर की इस सीट पर वोटों की गिनती मंगलवार सुबह शुरू हुई थी और तमाम चरणों और एलिमिनेशन राउंड से गुजरते हुए गुरुवार तड़के जाकर इसका आधिकारिक परिणाम घोषित किया गया। कांग्रेस के विजयी उम्मीदवार अभिजीत वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि बीजेपी के पूर्व विधायक सुधाकर कोहाले 63,960 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। नागपुर के इस गढ़ में बीजेपी की हार को पार्टी के लिए एक बहुत बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है, क्योंकि इस सीट पर खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाते हुए सुधाकर कोहाले के पक्ष में जमकर चुनाव प्रचार किया था।

आखिरी राउंड तक बना रहा सस्पेंस, 'सेकंड प्रेफरेंस' के वोटों ने तय किया हार-जीत का फैसला

विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक चुनावों की मतदान और मतगणना प्रक्रिया अन्य चुनावों से काफी अलग होती है, जहां मतदाताओं को उम्मीदवारों की पसंद (Preferences) बतानी होती है। नागपुर सीट पर भी मुकाबला बेहद दिलचस्प और रोमांचक दौर से गुजरा।

पहली पसंद (First Preference) के वोटों की गिनती के दूसरे दौर के बाद बीजेपी के सुधाकर कोहाले को 60,924 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को 56,630 वोट हासिल हुए थे। इसके अलावा, मैदान में उतरे निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले ने भी 24,249 वोट पाकर मुकाबले को बेहद त्रिकोणीय और दिलचस्प बना दिया था। चूंकि किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए आवश्यक कोटे (Required Quota) के वोट पहले दौर में नहीं मिल पाए, इसलिए मतगणना 'दूसरी पसंद' (Second Preference) के वोटों और एलिमिनेशन राउंड तक पहुंच गई। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ किए गए इन राउंड्स के बाद अंततः कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने बढ़त हासिल कर ली और जीत का सेहरा अपने सिर बांध लिया। ऐतिहासिक रूप से नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व लंबे समय तक खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी करते रहे हैं, जो यहां से कई कार्यकाल तक एमएलसी रह चुके हैं। ऐसे में यहां कांग्रेस की यह वापसी और भी अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

महाराष्ट्र की अन्य 4 सीटों पर क्या रहा हाल? महा विकास आघाड़ी ने मारी बाजी

नागपुर के अलावा महाराष्ट्र की अन्य चार विधान परिषद सीटों पर भी कांटे की टक्कर देखने को मिली। इन चुनावों के कुल परिणामों पर नजर डालें तो विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी (MVA) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 में से 3 सीटों पर अपना कब्जा जमा लिया है, जबकि सत्ताधारी महायुति गठबंधन को 2 सीटों से संतोष करना पड़ा है। महाराष्ट्र की इन पांचों सीटों के परिणाम इस प्रकार रहे:

  • नागपुर स्नातक सीट: कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने जीत दर्ज की।

  • पुणे स्नातक सीट: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव ने शानदार जीत हासिल की।

  • छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट: इस सीट पर भी एनसीपी (शरद पवार गुट) के उम्मीदवार डॉ. प्रतापसिंह पाटिल ने परचम लहराया।

  • पुणे शिक्षक सीट: सत्ताधारी दल की ओर से बीजेपी के कौस्तुभ गावड़े ने इस सीट पर जीत दर्ज की।

  • अमरावती शिक्षक सीट: इस सीट पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के उम्मीदवार किरण सरनाईक ने जीत हासिल की।

महाराष्ट्र विधान परिषद के इन परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय निकाय और विशेष निर्वाचन क्षेत्रों (स्नातक व शिक्षक) में जमीनी स्तर पर पकड़ रखने वाले दल अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में डटे हुए हैं। नागपुर में बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाकर कांग्रेस ने आगामी राजनीतिक वार्षिकोत्सव और विधानसभा चुनावों के लिए अपने कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भर दिया है।

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