नीतीश के ‘ट्राइड एंड टेस्टेड’ फॉर्मूले पर जयंत चौधरी! आरएलडी प्रमुख का मास्टरस्ट्रोक, केसी त्यागी ने खोले वोटकुनबा बढ़ाने के राज

उत्तर प्रदेश की राजनीति (UP Politics) में अपनी जमीन को मजबूत करने और अपने राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र का विस्तार करने के लिए राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) ने एक बेहद बड़ा और रणनीतिक दांव चला है। आरएलडी अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस पुराने और आजमाए हुए 'ट्राइड एंड टेस्टेड' फॉर्मूले पर आगे बढ़ रही है, जिसने अतीत में कई दलों की सियासी किस्मत बदल दी थी। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और जाने-माने रणनीतिकार केसी त्यागी (KC Tyagi) ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि कैसे जयंत चौधरी इस सियासी पैंतरे के जरिए उत्तर प्रदेश में अपने वोट बैंक और पार्टी के जनाधार को तेजी से बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
क्या है नीतीश कुमार का वह प्रसिद्ध फॉर्मूला?
बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की सोशल इंजीनियरिंग (Social Engineering) और अति पिछड़ों व दलितों को साधने की रणनीति को हमेशा से अचूक माना जाता रहा है। इसी तर्ज पर अब जयंत चौधरी भी केवल जाट बहुंस क्षेत्रों तक सीमित रहने के बजाय उत्तर प्रदेश में एक व्यापक सामाजिक गठबंधन (Social Coalition) तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। केसी त्यागी ने एक साक्षात्कार में बताया कि आरएलडी प्रमुख का यह नया सियासी प्रयोग सभी जातियों और समुदायों को साथ लेकर चलने का है, जिससे पार्टी का पारंपरिक वोटकुनबा (Vote Bank) न केवल सुरक्षित रहे, बल्कि नए समीकरणों के जरिए पार्टी का दायरा भी बड़े पैमाने पर बढ़ सके।
यूपी के आगामी चुनावों पर पड़ेगा गहरा असर
जयंत चौधरी की इस सोची-समझी रणनीति के दूरगामी राजनीतिक परिणाम आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकते हैं। एनडीए गठबंधन का हिस्सा होने के नाते आरएलडी इस फॉर्मूले के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बाहर निकलकर राज्य के अन्य हिस्सों में भी अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जयंत चौधरी का यह दांव पूरी तरह सफल रहता है, तो यह उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदलकर रख देगा और आने वाले समय में आरएलडी राज्य की एक बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में उभरकर सामने आएगी।