एजुकेशन

नीरव मोदी केस की नींव हिलाने वाले 1994 बैच के जांबाज IPS अनुराग धनखड़ का निधन

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के बेहद सम्मानित और वरिष्ठ अधिकारी अनुराग धनखड़ अब हमारे बीच नहीं रहे। 1994 बैच के इस जांबाज अधिकारी के निधन की खबर सामने आते ही पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है। देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों में अपनी सेवाएं दे चुके अनुराग धनखड़ को उनकी ईमानदारी, सख्त कार्यशैली और जटिल मामलों को सुलझाने की अद्भुत क्षमता के लिए जाना जाता था। उनके साथी अधिकारियों और अधीनस्थों ने उन्हें एक ऐसा मेंटॉर बताया जो संकट के समय हमेशा टीम के आगे आकर ढाल बनते थे।

नीरव मोदी केस के मुख्य जांच अधिकारी: जब पीएनबी घोटाले की खोली परतें

आईपीएस अनुराग धनखड़ के करियर की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धियों में से एक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के हजारों करोड़ रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी केस की जांच थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान संभाली थी। अंतरराष्ट्रीय दबावों और बेहद उलझे हुए मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के बावजूद, अनुराग धनखड़ ने अपनी टीम के साथ मिलकर घोटाले की एक-एक परत को बेनकाब किया। उनके द्वारा तैयार की गई मजबूत चार्जशीट और डिजिटल सबूतों के दम पर ही भारत सरकार ब्रिटेन की अदालत में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण (Extradition) की कानूनी लड़ाई को इतनी मजबूती से लड़ पाई।

कई राज्यों में कानून व्यवस्था को सुधारा: ऐसा रहा प्रशासनिक सफर

1994 में आईपीएस के रूप में अपने सफर की शुरुआत करने वाले अनुराग धनखड़ ने शुरुआती दिनों से ही अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने चुनौतीपूर्ण जिलों में बतौर पुलिस कप्तान (SP) और बाद में महानिरीक्षक (IG) व अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) के पदों पर रहते हुए कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने में अभूतपूर्व भूमिका निभाई। ड्रग माफिया, संगठित अपराध और आर्थिक अपराधियों के खिलाफ उन्होंने कई बड़े और सीक्रेट ऑपरेशन्स चलाए, जिसकी वजह से अपराधियों के बीच उनका खौफ साफ देखा जाता था। उनके बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें कई बार वीरता और विशिष्ट सेवा पदकों से भी सम्मानित किया गया था।

गृह मंत्रालय और मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख: पैतृक गांव में दी जाएगी अंतिम विदाई

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के असामयिक चले जाने पर गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने गहरा दुख प्रकट किया है। उनके गृह राज्य और कार्यक्षेत्र के पुलिस मुख्यालयों में शोक सभाएं आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है, जिसके बाद पूरे राजकीय सम्मान (State Honors) के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। देश की सेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले इस जांबाज पुलिस अफसर को सोशल मीडिया पर भी देशवासी नम आंखों से सलाम कर रहे हैं।

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