नॉर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन धमाके: क्रोएशिया में यूक्रेनी गोताखोर गिरफ्तार, जर्मनी तक पहुंचे जांच के तार

यूरोप और रूस के बीच भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ाने वाले नॉर्ड स्ट्रीम (Nord Stream) गैस पाइपलाइन धमाकों के मामले में एक बार फिर बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई सामने आई है। क्रोएशिया की पुलिस ने एक यूक्रेनी गोताखोर को गिरफ्तार किया है, जिस पर अरबों यूरो की इन रणनीतिक पाइपलाइनों को उड़ाने की साजिश में शामिल होने का गंभीर संदेह है। यह गिरफ्तारी एक यूरोपीय अरेस्ट वारंट के आधार पर की गई है।
क्रोएशिया के पुला शहर में हुई गिरफ्तारी
यह गिरफ्तारी क्रोएशिया के सुंदर और स्कूबा डाइविंग के लिए प्रसिद्ध शहर पुला (Pula) से की गई है। पुला शहर अपनी भौगोलिक स्थिति और झील जैसे तटीय परिवेश के कारण पेशेवर और शुरुआती गोताखोरों के बीच काफी लोकप्रिय है। गर्मियों के दौरान दुनिया भर से पेशेवर गोताखोर यहां आते हैं। जर्मन संघीय अभियोजन विभाग के अनुसार, गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी संदिग्ध का नाम 'व्लादिमीर जेड' (गोपनीयता कारणों से पूरा नाम सुरक्षित) बताया गया है, जो एक बेहद कुशल और प्रशिक्षित स्कूबा गोताखोर है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि व्लादिमीर जेड उस मुख्य ग्रुप का हिस्सा था जिसने डेनमार्क के बोर्नहोम द्वीप के पास समुद्र की गहराई में स्थित नॉर्ड स्ट्रीम 1 और नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइनों में सोची-समझी साजिश के तहत विस्फोटक लगाए थे।
2022 में हुए थे रहस्यमयी धमाके
गौरतलब है कि 26 सितंबर 2022 को बाल्टिक सागर की गहराई से गुजरने वाली इन पाइपलाइनों में सिलसिलेवार कई धमाके हुए थे। इन पाइपलाइनों के माध्यम से रूस से सीधे जर्मनी और अन्य यूरोपीय देशों तक प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाती थी। हालांकि, फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूरोपीय देशों ने रूसी ऊर्जा पर अपनी निर्भरता कम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
जर्मन अभियोजन अधिकारियों का कहना है कि इन पाइपलाइनों को उड़ाने का मुख्य उद्देश्य रूस को मिलने वाली राजस्व राशि को रोकना था, ताकि मॉस्को अपनी सैन्य गतिविधियों के लिए उस फंड का इस्तेमाल न कर सके। जांच में यह भी सामने आया है कि धमाके 70 से 80 मीटर की अत्यधिक गहराई पर किए गए थे, जहां पानी का दबाव बहुत ज्यादा होता है। इतनी गहराई पर संवेदनशील स्थानों पर सैन्य ग्रेड के शक्तिशाली विस्फोटक लगाने के लिए विशेष उपकरण और गोताखोरों के उच्च कौशल की आवश्यकता होती है। हालांकि, यूक्रेन की सरकार ने इन हमलों में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से लगातार इंकार किया है।
क्या थीं नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइनें?
रूस से जर्मनी तक सीधे गैस पहुंचाने वाली इस प्रणाली में दो मुख्य पाइपलाइनें शामिल थीं, जिनकी लंबाई लगभग 1220 से 1230 किलोमीटर है। इनका निर्माण रूस की ऊर्जा दिग्गज कंपनी 'गाजप्रोम' (Gazprom) द्वारा किया गया था। नॉर्ड स्ट्रीम 1 से साल 2011 से गैस का प्रवाह शुरू हुआ था, जबकि नॉर्ड स्ट्रीम 2 बनकर तैयार तो हो गई थी, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव और अनुमति रद्द होने के कारण इससे कभी कमर्शियल सप्लाई शुरू नहीं हो पाई थी।