उत्तर प्रदेश

नोएडा के अंडरपास में बारिश के बाद जलभराव का कहर

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक हब नोएडा (Noida) से मौसम की पहली भारी बारिश और स्थानीय प्रशासन की भारी लापरवाही को बेनकाब करने वाली एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के एक प्रमुख और व्यस्त अंडरपास में भारी बारिश के बाद अचानक पांच फीट से अधिक गहरा पानी भर गया, जिसके चलते उसमें से गुजर रही एक कार अचानक पानी के सैलाब में फंस गई। कार के भीतर पानी तेजी से भरने लगा और स्थिति इतनी भयानक हो गई कि कार सवारों की सांसें अटक गईं। अपनी जान बचाने के लिए उन लोगों ने कार का शीशा अंदर से तोड़कर बड़ी मुश्किल से तैरकर बाहर अपनी जान बचाई। इस सनसनीखेज घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों में जिला प्रशासन तथा नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि जरा सी बारिश में शहर के अंडरपास कृत्रिम झीलों में तब्दील हो जाते हैं और किसी भी बड़े हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है। आइए आज विस्तार से जानते हैं कि नोएडा के इस अंडरपास में आखिर कैसे यह खौफनाक हादसा हुआ और प्रशासन के दावों की पोल कैसे खुली।

नोएडा के अंडरपास में कैसे बना मौत का कुआं? भारी बारिश और जलभराव की पूरी दास्तान

घटना के चश्मदीदों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, नोएडा में कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों और अंडरपास में पानी की निकासी का कोई उचित प्रबंध न होने के कारण जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई। अमूमन हर साल मानसून या तेज बारिश के मौसम में इन अंडरपासों में पानी भरने की पुरानी समस्या रही है, जिसके बावजूद प्राधिकरण द्वारा जल निकासी (Drainage System) के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते हैं। पीड़ित कार सवार जब अपने रोजाना के रास्ते से दफ्तर या घर लौट रहे थे, तो उन्हें अंदाजा नहीं था कि अंडरपास के भीतर पानी का स्तर पांच फीट से भी ज्यादा गहरा हो चुका है। जैसे ही उनकी कार अंडरपास के बीचों-बीच पहुंची, इंजन पानी में डूब जाने के कारण बंद हो गया और चारों तरफ से मटमैला पानी तेजी से कार के अंदर घुसने लगा। कार के दरवाजे पानी के भारी दबाव के कारण लॉक हो गए और खुल नहीं रहे थे, जिससे कार के अंदर बैठे लोगों की जान हलक में आ गई।

कार का शीशा तोड़कर बाल-बाल बचे यात्री, मची अफरातफरी और स्थानीय लोगों की मदद

जब कार के अंदर पानी गला-गला भरने लगा और दम घुटने जैसी स्थिति पैदा हो गई, तो कार में सवार लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह कार का शीशा तोड़ा और खिड़की के रास्ते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। आसपास के राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों ने जब अंडरपास के बीच में एक कार को डूबते हुए देखा, तो वे तुरंत मदद के लिए दौड़े और रस्सियों व अन्य माध्यमों से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत यह रही कि समय रहते कार सवार लोग बाहर निकलने में कामयाब हो गए, वरना एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता था। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डूबती हुई कार और उसमें फंसे लोगों की चीख-पुकार साफ देखी जा सकती है। इस वीडियो के सामने आने के बाद नोएडा के लोगों में प्रशासन के प्रति गुस्सा और ज्यादा भड़क गया है।

नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल और सुरक्षा के नाम पर खोखले दावे

इस दर्दनाक और आंखें खोल देने वाली घटना के बाद एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस के उन दावों की पोल खुल गई है जिसमें वे हर साल बारिश से पहले जलभराव से निपटने के पुख्ता इंतजाम करने का दावा करते हैं। करोड़ों रुपये के बजट और हाई-टेक ड्रेनेज सिस्टम के बावजूद जरा सी बारिश में अंडरपासों का यह हाल होना शहर की प्लानिंग पर एक बड़ा बदनुमा दाग है। स्थानीय आरडब्ल्यूए (RWA) और नागरिकों ने मांग की है कि इस प्रकार के खतरनाक अंडरपासों में ऑटोमैटिक पंपिंग सिस्टम और वाटर लेवल सेंसर लगाए जाएं ताकि भविष्य में किसी की जान जोखिम में न पड़े। पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए उस डूबी हुई कार को क्रेन की मदद से बाहर निकलवा लिया है और ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में बैठा रहता है?

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