नौकरी छोड़ने की जल्दबाजी में हैं? नोटिस पीरियड पूरा न करने पर कंपनी रोक सकती है सैलरी या हो सकती है कानूनी कार्रवाई

कॉरपोरेट जगत में नौकरी बदलना आम बात है, लेकिन कई बार बेहतर अवसर मिलने पर कर्मचारी बिना नोटिस पीरियड पूरा किए ही तुरंत कंपनी छोड़ना चाहते हैं। ऐसे में अक्सर कर्मचारियों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्या नोटिस पीरियड सर्व न करने पर कंपनी उनकी फुल एंड फाइनल सैलरी रोक सकती है या उन पर कोई कानूनी कार्रवाई हो सकती है? लेबर लॉ और एम्प्लॉयमेंट एग्रीमेंट के नियमों के मुताबिक, कर्मचारियों को कंपनी छोड़ते समय कुछ तय नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है, वरना उन्हें आर्थिक और कानूनी दोनों तरह के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।
क्या कंपनी रोक सकती है आपकी रुकी हुई सैलरी या फुल एंड फाइनल सेटलमेंट?
जब कोई कर्मचारी कंपनी से इस्तीफा देता है, तो उसे एग्रीमेंट के मुताबिक तय समय यानी 30, 60 या 90 दिन का नोटिस पीरियड पूरा करना होता है। यदि कोई कर्मचारी बिना नोटिस दिए या नोटिस अवधि पूरी किए बिना अचानक नौकरी छोड़ देता है, तो कंपनियों के पास यह अधिकार होता है कि वे उस अवधि का वेतन यानी नोटिस पे (Notice Pay) काट लें। हालांकि, जानकारों का कहना है कि कंपनियां कर्मचारी द्वारा पहले किए जा चुके काम की सैलरी को पूरी तरह से रोक नहीं सकती हैं, लेकिन वे एंप्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट के क्लॉज के तहत नोटिस पीरियड के एवज में उतनी राशि काटकर ही फुल एंड फाइनल सेटलमेंट (FnF) करती हैं।
एम्प्लॉयमेंट एग्रीमेंट और बॉन्ड तोड़ने के कानूनी परिणाम
नौकरी ज्वाइन करते समय हर कर्मचारी एक एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट या ऑफर लेटर साइन करता है, जिसमें कंपनी के नियम और शर्तें स्पष्ट रूप से लिखी होती हैं। यदि कॉन्ट्रैक्ट में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान है कि नोटिस पीरियड न पूरा करने पर हर्जाना देना होगा, तो कंपनी कानूनी रूप से उस राशि की मांग कर सकती है। कुछ मामलों में कंपनियां नोटिस पीरियड का बायआउट ऑप्शन भी देती हैं, जिसके तहत कर्मचारी तय पैसे चुकाकर तुरंत रिलीज ले सकता है। लेकिन बिना किसी समझौते के अचानक भागने पर कंपनी एक्सपीरियंस लेटर और रिलीविंग लेटर रोकने का अधिकार रखती है, जो भविष्य में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के दौरान बड़ी मुसीबत बन सकता है।
बिना नोटिस छोड़े नौकरी छोड़ने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान
अगर आपके सामने ऐसी स्थिति आ गई है कि आपको तत्काल प्रभाव से नौकरी छोड़नी पड़ रही है, तो सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप अपने मैनेजर और एचआर विभाग से खुलकर बात करें। कई बार आपसी सहमति या मेडिकल इमरजेंसी जैसे वाजिब कारणों के चलते कंपनियां नोटिस पीरियड माफ कर देती हैं या उसे कम कर देती हैं। नियमों की अनदेखी करके बिना नोटिस छोड़े जाने से भविष्य के करियर पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए हमेशा कंपनी के साथ औपचारिक प्रक्रिया का पालन करते हुए ही इस्तीफा देना समझदारी माना जाता है।