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पंजाब में अनाज संकट सीएम भगवंत मान और प्रह्लाद जोशी की बड़ी बैठक, 155 लाख टन गेहूं-चावल की लिफ्टिंग के लिए चलेंगी ट्रेनें

News India Live, Digital Desk:पंजाब में रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही अनाज भंडारण और उठान (लिफ्टिंग) को लेकर पैदा हुए गंभीर संकट के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से महत्वपूर्ण मुलाकात की। दिल्ली में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में पंजाब के अनाज संकट, बकाया ग्रामीण विकास फंड (RDF) और आढ़तियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। केंद्र सरकार ने पंजाब की चिंताओं पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए राज्य से 155 लाख मीट्रिक टन अनाज उठाने के लिए विशेष मालगाड़ियां चलाने की मंजूरी दे दी है।भंडारण संकट और स्पेशल ट्रेनों का समाधानमुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि पंजाब के गोदामों में पिछले साल का भारी स्टॉक जमा है, जिसके कारण नई फसल रखने के लिए जगह नहीं बची है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 155 लाख मीट्रिक टन पुराना गेहूं और चावल पड़ा है, जिसे तुरंत दूसरे राज्यों में भेजने की जरूरत है। केंद्र ने इस पर सहमति जताते हुए अप्रैल से जून के बीच अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का आश्वासन दिया है। इससे मंडियों में अनाज की आवक के दौरान किसानों को होने वाली परेशानी कम होगी और उठान प्रक्रिया में तेजी आएगी।9000 करोड़ का RDF बकाया और सुप्रीम कोर्ट का जिक्रबैठक का एक और मुख्य मुद्दा ग्रामीण विकास फंड (RDF) की लंबित राशि रही, जो अब बढ़कर लगभग 9,000 करोड़ रुपये हो गई है। सीएम मान ने इस राशि को किस्तों में जारी करने की मांग की और कहा कि यह पैसा ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सड़कों के विकास के लिए अनिवार्य है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि केंद्र बकाया राशि जारी करता है, तो पंजाब सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस को वापस लेने पर विचार कर सकती है। इसके अलावा, उन्होंने नकद ऋण सीमा (CCL) पर लगने वाली उच्च ब्याज दरों को कम करने की भी अपील की, जिससे राज्य पर 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ता है।आढ़तियों का कमीशन और मजदूरों का EPF मुद्दाआढ़तियों (कमीशन एजेंटों) की समस्याओं को उठाते हुए मुख्यमंत्री ने उनके कमीशन को एमएसपी (MSP) के 2.5% के बराबर करने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मंडी प्रणाली में आढ़ती रीढ़ की हड्डी हैं और उनकी वाजिब मांगों पर प्राथमिकता से विचार होना चाहिए। साथ ही, मंडी मजदूरों के ईपीएफ (EPF) से संबंधित 50 करोड़ रुपये की रुकी हुई राशि को भी तुरंत जारी करने की अपील की गई। बैठक के बाद सीएम मान ने सोशल मीडिया पर बताया कि केंद्र का रवैया सकारात्मक रहा है और जल्द ही इन सभी लंबित मुद्दों के समाधान के लिए सचिव स्तर की समिति ठोस कदम उठाएगी।

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