एजुकेशन

परीक्षा केंद्रों पर अभेद्य किला तैयार! 5 लाख सुरक्षाकर्मी, 1 लाख CCTV कैमरे और AI की तीसरी आंख करेगी निगरानी

देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET Re Exam 2026) को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और फुलप्रूफ बनाने के लिए इस बार सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कमर कस ली है। पिछली गड़बड़ियों से कड़ा सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए हैं जो देश के इतिहास में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए अब तक के सबसे बड़े और कड़े माने जा रहे हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की डिजिटल या मैन्युअल गड़बड़ी, पेपर लीक या फर्जीवाड़े की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करने के लिए केंद्रों को एक अभेद्य किले में तब्दील करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 5 लाख जवानों का पहरा और चप्पे-चप्पे पर 1 लाख कैमरों की पैनी नजर इस परीक्षा के महा-आयोजन को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर करीब 5 लाख सुरक्षाकर्मियों और कड़े पर्यवेक्षकों (Invigilators) की फौज तैनात की जा रही है। स्थानीय पुलिस से लेकर केंद्रीय सुरक्षा बलों और उड़नदस्तों की टीमें परीक्षा केंद्रों के बाहर और भीतर मुस्तैद रहेंगी। इतना ही नहीं, परीक्षा हॉल के भीतर की हर एक हलचल को रिकॉर्ड करने के लिए 1 लाख से अधिक हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की लाइव फीड सीधे केंद्रीय कंट्रोल रूम को भेजी जाएगी, जहां एक्सपर्ट्स की एक बड़ी टीम पल-पल की गतिविधियों की मॉनिटरिंग करेगी ताकि कोई भी संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके। पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की तीसरी आंख करेगी पहरेदारी इस साल की नीट री-एग्जाम की सबसे बड़ी और आधुनिक खासियत है इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होना। इस बार परीक्षा की निगरानी सिर्फ इंसानी आंखों के भरोसे नहीं होगी, बल्कि AI इनेबल्ड सॉफ्टवेयर कैमरों के जरिए हर एक परीक्षार्थी के हाव-भाव, मूवमेंट्स और व्यवहार का बारीकी से विश्लेषण करेंगे। अगर कोई छात्र अपनी सीट से असामान्य रूप से हिलता है, पीछे मुड़ता है या किसी भी तरह की संदिग्ध कूटनीतिक हलचल करता है, तो एआई सिस्टम तुरंत अलर्ट जनरेट कर देगा। इसके अलावा, छात्रों के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) और आधार ऑथेंटिकेशन को भी एआई से जोड़ा गया है ताकि 'डमी कैंडिडेट' या मुन्नाभाइयों को एंट्री गेट पर ही दबोचा जा सके। छात्रों के लिए कड़े नियम और गाइडलाइंस का पालन करना होगा बेहद जरूरी इस अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच एनटीए ने परीक्षार्थियों के लिए भी बेहद सख्त ड्रेस कोड और गाइडलाइंस जारी की हैं। परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं ताकि किसी भी तरह के ब्लूटूथ या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल न किया जा सके। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे तय समय से काफी पहले केंद्रों पर पहुंचें क्योंकि इस बार मल्टी-लेयर चेकिंग (कई स्तरों पर जांच) की जाएगी। सरकार की इस मुस्तैदी से यह साफ हो गया है कि वह देश के होनहार और मेहनती डॉक्टरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी सिंडिकेट को बख्शने के मूड में नहीं है, जिससे वास्तविक और योग्य छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बिल्कुल साफ-सुथरा मंच मिल सके।

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