मदरस विधानसभा चुनाव और परिसीमन विवाद, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने फूंका केंद्र के खिलाफ बिगुल

News India Live, Digital Desk: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री और द्रमुक (DMK) प्रमुख एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। बुधवार को पार्टी के जिला सचिवों और सांसदों के साथ एक आपातकालीन बैठक करने के बाद स्टालिन ने परिसीमन (Delimitation) संशोधन विधेयक को “काला कानून” करार दिया और 16 अप्रैल को पूरे राज्य में ‘काला झंडा’ विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु के आठ करोड़ लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर काले झंडे फहराकर इस ऐतिहासिक अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।”दक्षिण के राज्यों को सजा क्यों?”: स्टालिन का सीधा सवालएमके स्टालिन ने एक वीडियो संदेश जारी कर केंद्र की भाजपा सरकार पर दक्षिण भारतीय राज्यों के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया, “क्या तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों को भारत की प्रगति में योगदान देने और जनसंख्या नियंत्रण करने की सजा दी जा रही है?” स्टालिन का तर्क है कि यदि परिसीमन केवल जनसंख्या के आधार पर किया जाता है, तो उत्तर भारतीय राज्यों की सीटें काफी बढ़ जाएंगी, जबकि दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा, जिससे वे संसद में “दोयम दर्जे के नागरिक” बनकर रह जाएंगे।लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 850 करने का प्रस्तावसूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार लोकसभा की सीटों की संख्या को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 करने की योजना बना रही है। इसमें महिला आरक्षण अधिनियम (नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023) को लागू करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया को तेज करने का प्रस्ताव है। विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा चुनावों के बीच में विशेष सत्र बुलाकर बिना किसी सर्वदलीय चर्चा के इस “खतरनाक संशोधन” को पास कराने की जल्दबाजी में है।चुनावी माहौल में बढ़ा सियासी तनावतमिलनाडु में 23 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले परिसीमन का मुद्दा उठाकर स्टालिन ने राज्य की अस्मिता और भाषाई अधिकारों को केंद्र में ला दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र ने यह विधेयक वापस नहीं लिया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी इस मुद्दे पर स्टालिन का समर्थन करते हुए दक्षिण के राज्यों को एकजुट होने का आह्वान किया है।16 अप्रैल को ‘ब्लैक डे’ की तैयारीद्रमुक ने घोषणा की है कि 16 अप्रैल को जब संसद का विशेष सत्र शुरू होगा, तब तमिलनाडु का हर परिवार सड़कों पर और घरों पर काला झंडा लगाकर अपना विरोध दर्ज कराएगा। स्टालिन ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि हर स्वाभिमानी तमिल का है। पुलिस और प्रशासन ने राज्यव्यापी प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।