पीरियड्स के दौरान ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानिए इसके पीछे का सच और डॉक्टरों की राय

मासिक धर्म यानी पीरियड्स (Periods) के दौरान अक्सर हमारी माताओं, दादियों या घर के बुजुर्गों द्वारा सलाह दी जाती है कि इस समय 'ठंडा पानी' या 'ठंडी तासीर' वाली चीजों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। आमतौर पर माना जाता है कि ठंडा पानी पीने से यूट्रस (गर्भाशय) में एंठन बढ़ती है, ब्लीडिंग रुक जाती है या दर्द काफी ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन क्या इस पुरानी मिथक (Myth) में कोई वैज्ञानिक सच्चाई है, या फिर यह महज एक सुनी-सुनाई धारणा है? आइए एक हेल्थ रिपोर्टर के नजरिए से गायनेकोलॉजिस्ट्स (महिला रोग विशेषज्ञों) की राय और इसके पीछे के वैज्ञानिक सच को गहराई से समझते हैं।
क्या पीरियड्स में ठंडा पानी पीने से ब्लीडिंग रुकती है? जानें वैज्ञानिक सच
डॉक्टरों और मेडिकल साइंस के अनुसार, यह बात पूरी तरह से एक मिथक (Myth) है कि ठंडा पानी पीने से ब्लीडिंग रुक जाती है या खून के थक्के (Blood Clots) बनने लगते हैं।
हमारी पाचन प्रणाली (Digestive System) और प्रजनन प्रणाली (Reproductive System) पूरी तरह से अलग-अलग अंगों द्वारा संचालित होती हैं। जब आप ठंडा पानी पीते हैं, तो वह आपके पेट (Stomach) में जाता है और शरीर के अंदर पहुंचते ही बॉडी टेम्परेचर (37°C) के अनुसार तुरंत सामान्य हो जाता है। इसका यूट्रस की ब्लीडिंग या मेंस्ट्रुअल ब्लड फ्लो पर कोई सीधा नकारात्मक असर नहीं पड़ता है।
फिर क्यों महसूस होता है दर्द या ऐंठन (Cramps)?
हालांकि ठंडा पानी ब्लीडिंग को नहीं रोकता, लेकिन संवेदनशील शरीर वाली महिलाओं में पीरियड्स के समय ठंडा पानी पीने से कुछ हल्की समस्याएं जरूर महसूस हो सकती हैं:
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मांसपेशियों का खिंचाव: बहुत ज्यादा ठंडा या बर्फ का पानी पीने से कुछ महिलाओं की आंतों और पेट की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव (Gastrointestinal Spasm) महसूस हो सकता है, जिसे लोग गलती से पीरियड्स का दर्द मान लेते हैं।
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प्रोस्टाग्लैंडिन्स हार्मोन: पीरियड्स के दौरान गर्भाशय की परत को बाहर निकालने के लिए शरीर में 'प्रोस्टाग्लैंडिन्स' नाम का हार्मोन बनता है, जिससे प्राकृतिक रूप से ऐंठन (Cramps) होती है। इसका पानी के तापमान से कोई लेना-देना नहीं होता।
पीरियड्स में गुनगुना पानी क्यों माना जाता है ज्यादा फायदेमंद?
भले ही ठंडा पानी पीना हानिकारक न हो, लेकिन डॉक्टर पीरियड्स के दिनों में गुनगुना या हल्का गर्म पानी (Warm Water) पीने की सलाह देते हैं। इसके पीछे कई स्वास्थ्य लाभ छिपे हैं:
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ब्लड सर्कुलेशन में सुधार: गुनगुना पानी पीने से पेल्विक एरिया (पेड़ू के हिस्से) में रक्त प्रवाह तेज होता है और गर्भाशय की मांसपेशियां रिलैक्स (शिथिल) होती हैं, जिससे ऐंठन और दर्द में तुरंत राहत मिलती है।
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ब्लॉटिंग (पेट फूलना) से राहत: पीरियड्स के दौरान वॉटर रिटेंशन और गैस/अपच की समस्या आम होती है। गर्म पानी पाचन को दुरुस्त रखता है और ब्लॉटिंग को कम करता है।
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एनर्जी बनी रहती है: अजवाइन, अदरक या सौंफ का उबला हुआ गुनगुना पानी पीने से शरीर की थकान दूर होती है और मूड स्विंग्स में सुधार होता है।