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पुणे का बहुचर्चित केतन हत्याकांड: ‘विग की वजह से मंगेतर नाखुश थी…’ पुलिस थ्योरी पर पिता विशाल अग्रवाल का सबसे बड़ा खुलासा

महाराष्ट्र के पुणे से सामने आए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने इस समय पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। लोहागढ़ किले में हुई इस खौफनाक वारदात में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस बीच, अब मृतक केतन के पिता विशाल अग्रवाल का एक बेहद महत्वपूर्ण बयान सामने आया है, जिसने पुलिस की शुरुआती थ्योरी को पूरी तरह पलट कर रख दिया है। विशाल अग्रवाल ने उन मीडिया रिपोर्टों और पुलिस कयासों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि केतन के लुक और उनके 'हेयर विग' की वजह से उनकी मंगेतर सिया गोयल इस शादी से खुश नहीं थी और इसी नफरत के कारण उसने केतन को मौत के घाट उतरवा दिया।

'सगाई से पहले ही सिया के परिवार को पता था सच' – पिता का दावा

लोहागढ़ किले में 18 जून को मार दिए गए 25 वर्षीय युवा कारोबारी केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल बेहद भावुक और आक्रोशित हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके बेटे के लुक को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी, भ्रामक और मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने वाली हैं। विशाल अग्रवाल ने बताया कि केतन को एक मेडिकल समस्या (Alopecia या बाल झड़ने की बीमारी) थी, जिसके कारण उनके सिर के एक हिस्से के बाल गिर गए थे। इसी वजह से वह हेयर विग पैच का इस्तेमाल करता था।

केतन के पिता ने खुलासा किया कि इस मेडिकल कंडीशन की पूरी जानकारी सगाई की बात पक्की होने से काफी समय पहले ही मंगेतर सिया गोयल और उसके पूरे परिवार को दे दी गई थी। उन्होंने कहा, "हमने कुछ भी नहीं छुपाया था। अगर सिया या उसके परिवार को केतन के लुक या विग से कोई भी दिक्कत होती, तो वे उसी समय शादी के रिश्ते से इनकार कर सकते थे। इसलिए अब हत्या की वजह विग को बताना पूरी तरह गलत है।"

हादसा नहीं सोची-समझी साजिश, मंगेतर और उसके प्रेमी ने मिलकर रची मौत की पटकथा

विशाल अग्रवाल के इस बयान के बाद अब पुलिस की सुई पूरी तरह से एक सुनियोजित और ठंडे दिमाग से की गई हत्या की साजिश (Premeditated Murder) पर टिक गई है। इस हत्याकांड में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की मुख्य भूमिका सामने आई है। शुरुआती दौर में जब केतन का शव खाई से मिला था, तो इसे पैर फिसलने की वजह से हुआ एक हादसा माना जा रहा था। लेकिन जैसे ही पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और फॉरेंसिक सबूतों को खंगाला, यह मामला एक खौफनाक कत्ल की साजिश में बदल गया।

पहली बार झाड़ियों ने बचाई जान, दूसरी बार खाई में धक्का देकर ले ली जान

पुलिस जांच में जो टाइमलाइन और सबूत सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। तफ्तीश के मुताबिक, मंगेतर सिया गोयल साजिश के तहत केतन को बार-बार पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले के सुनसान इलाकों में ले जा रही थी। वारदात से ठीक चार दिन पहले, यानी 14 जून को भी सिया केतन को किले के एक ऊंचे पॉइंट पर लेकर गई थी। वहां उसने केतन को पहाड़ी की चट्टान से नीचे धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि केतन ने गिरते समय वहां उगी एक मजबूत झाड़ी को पकड़ लिया और उसकी जान बच गई।

इस नाकाम कोशिश से सबक न लेते हुए, सिया गोयल 18 जून को दोबारा केतन को उसी लोहागढ़ किले के सुसाइड पॉइंटनुमा इलाके में ले गई। इस बार बैकअप के तौर पर उसका प्रेमी चेतन चौधरी भी गुपचुप तरीके से उनके पीछे-पीछे किले पर पहुंच गया। पुलिस का आरोप है कि जैसे ही केतन का ध्यान भटका, सिया और चेतन ने मिलकर उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया। इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण केतन की मौके पर ही मौत हो गई।

बदनामी के डर से नहीं तोड़ी सगाई, कॉल डिटेल्स ने खोले राज

इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस को सुलझाने में पुलिस के हाथ दोनों आरोपियों के मोबाइल सीडीआर (Call Detail Records) लगे हैं, जो उनके गुनाह की गवाही दे रहे हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, सगाई होने के बाद भी सिया और चेतन चौधरी के बीच हजारों बार फोन पर बातचीत हुई थी, जिनमें से कई कॉल कई-कई घंटों लंबी थीं।

कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी चेतन ने पुलिस के सामने कुबूल किया है कि सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन वह खुद सगाई भी नहीं तोड़ पा रही थी क्योंकि उसे समाज और परिवार में होने वाली बदनामी का डर था। इसी बदनामी से बचने के लिए उसने केतन को ही रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला कर लिया। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों के खिलाफ हत्या (IPC 302) और आपराधिक साजिश (IPC 120B) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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