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प्रदूषण के खिलाफ नई जंग: अब ‘PAVAN’ संभालेगा दिल्ली-एनसीआर की हवा की जिम्मेदारी

दिल्ली और आसपास के इलाकों में हर साल सर्दी आते ही सांस लेना मुश्किल हो जाता है। प्रदूषण कम करने के लिए दावे तो बहुत होते हैं,लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही होती है। लेकिन अब लग रहा है कि सरकार इस समस्या की जड़ तक जाने के लिए तकनीक का सहारा लेने वाली है।वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)एक ऐसा नया सिस्टम ला रहा है जो प्रदूषण फैलाने वालों की नींद उड़ा सकता है। इस नए डिजिटल हथियार का नाम दिया गया है- PAVAN (Platform for Air Quality Vigilance and Analytics)।क्या है यह’PAVAN’और कैसे करेगा काम?आसान भाषा में समझें तो’PAVAN’एक ऑनलाइन जासूस की तरह काम करेगा। अब तक क्या होता था कि अधिकारी इंस्पेक्शन करने जाते थे,फिर फाइलों में रिपोर्ट बनती थी,और कार्रवाई होते-होते बहुत देर हो जाती थी। लेकिन’पावन’के आने से यह सब “पेपरलेस” यानी बिना कागज के डिजिटल तरीके से होगा।यह प्लेटफॉर्म दिल्ली-एनसीआर की हर उस गतिविधि पर नजर रखेगा जिससे हवा खराब होती है—चाहे वो फैक्ट्रियों से निकलता धुआंहो,धूल उड़ाते कंस्ट्रक्शन साइट्स हों,सड़कों पर दौड़ती पुरानी गाड़ियां हों,या फिर खेतों में जलती पराली।फील्ड ऑफिसर्स के हाथ में होगा मोबाइल ऐपइस सिस्टम के तहत अधिकारियों को एक खास मोबाइल ऐप दिया जाएगा।अधिकारी साइट पर जाएंगे।अगर कोई नियम तोड़ता मिला,तो ऐप से फोटो और वीडियो सबूत लेंगे (जो जियो-टैग होंगे,यानी लोकेशन के साथ)।रिपोर्ट तुरंत सिस्टम पर अपलोड होगी।CAQMमुख्यालय में बैठे-बैठे पता चल जाएगा कि कहाँ उल्लंघन हुआ है और तुरंत जुर्माना या कार्रवाई की जाएगी।बार-बार गलती करने वालों को सिस्टम अपने आप’रेड फ्लैग’कर देगा यानी उनकी पहचान अलग से हो जाएगी।कमांड सेंटर: एक कमरे से पूरेNCRपर नज़रइस योजना का सबसे शानदार हिस्सा है इसका’इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’। सोचिए,एक बड़ा कमरा जिसमें एक विशाल वीडियो वॉल (बड़ी स्क्रीन) लगी हो। उस स्क्रीन पर लाइव इंस्पेक्शन के वीडियो,सेटेलाइट से ली गई पराली जलाने की तस्वीरें,और शहर का एक्यूआई (AQI)डेटा सब एक साथ दिखाई देगा।CAQMके सदस्य सचिव तरुण पिथोड़े का कहना है कि रीयल-टाइम डेटा मिलने से फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और कोई भी बहानेबाजी नहीं चलेगी।एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?पर्यावरण विशेषज्ञ,सुनील दहिया (थिंक टैंकEnvirocatalystके संस्थापक) का मानना है कि यह एक बेहतरीन कदम है। उन्होंने कहा, “कमांड सेंटर बनाना स्वागत योग्य है,लेकिन यह तभी सफल होगा जब इसमें पारदर्शिता हो। जनता को भी पता होना चाहिए कि क्या कार्रवाई हो रही है।”कब से शुरू होगा?उम्मीद की जा रही है कि अगली सर्दी आने से पहले यह सिस्टम पूरी तरह काम करना शुरू कर देगा। अगर ऐसा हुआ,तो शायद दिल्ली वालों को धुएं वाली हवा से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।

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