प्रयागराज में आयोजित तिरंगा यात्रा ने दिया राष्ट्रभक्ति, एकता और अखंडता का संदेश, केशव मौर्य

प्रयागराज में आज केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य देशवासियों में राष्ट्र प्रथम की भावना को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि हमें अपने राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करते हुए देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर तिरंगा फहराने के साथ राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने वाले ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष की गूंज भी सुनाई देनी चाहिए। उन्होंने इस भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने पर जोर दिया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मदरसे हों, विद्यालय हों, शिक्षण संस्थान हों, सरकारी कार्यालय हों, सामाजिक संस्थाएं हों या सार्वजनिक स्थल—हर स्थान पर तिरंगे के प्रति सम्मान और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी एकता में है और देश का प्रत्येक नागरिक राष्ट्र की प्रगति में अपनी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने प्रयागराजवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रयागराज की धरती सदैव राष्ट्रभक्ति, संस्कृति, आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय चेतना की भूमि रही है। यहां आयोजित तिरंगा यात्रा ने इस गौरवशाली परंपरा को और मजबूती प्रदान की है। यात्रा में उमड़ा जनसैलाब यह प्रमाणित करता है कि देश की एकता और तिरंगे के सम्मान के लिए प्रयागराज का प्रत्येक नागरिक प्रतिबद्ध है।
श्री मौर्य ने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम सभी जाति, क्षेत्र, भाषा और अन्य सभी भेदभाव से ऊपर उठकर भारत की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। तिरंगा हम सभी को एक सूत्र में बांधता है और यह संदेश देता है कि भारत की संप्रभुता, अखंडता और सम्मान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास के साथ विश्व पटल पर अपनी नई पहचान बना रहा है। देश विकास, आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में तिरंगा यात्रा जैसी पहल देशवासियों में राष्ट्रीय गौरव और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करती है।
उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने अंत में सभी प्रयागराजवासियों एवं प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे तिरंगे की आन-बान-शान को बनाए रखने, राष्ट्र की एकता-अखंडता को मजबूत करने तथा विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लें।
उन्होंने कहा—तिरंगा हमारी शान है, तिरंगा हमारा अभिमान है और तिरंगा पूरे भारत की एकता का प्रतीक है। तिरंगे की आन-बान-शान के लिए पूरा देश एकजुट है।