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फर्जी और स्पैम कॉल्स पर TRAI का बड़ा एक्शन, टेलीकॉम कंपनियों को सख्त निर्देश; नियम तोड़ा तो नंबर होगा बंद और 1 साल का लगेगा बैन

देश में मोबाइल फोन यूजर्स के लिए सिरदर्द बन चुकी फर्जी, स्पैम और अनचाही प्रमोशनल कॉल्स (Unsolicited Commercial Communication – UCC) पर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने कड़ा रुख अपनाया है। वित्तीय धोखाधड़ी, लोन ऑफर्स और रियल एस्टेट के नाम पर दिन-रात आने वाली कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए नियामक ने सभी प्रमुख टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं (Jio, Airtel, Vi, BSNL) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

नए नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति या संस्था सामान्य 10 अंकों वाले व्यक्तिगत मोबाइल नंबर का उपयोग करके व्यावसायिक या प्रमोशनल कॉलिंग करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सीधी और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विनियामक ने स्पष्ट किया है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद उपभोक्ताओं को परेशान करने वाले टेलीमार्केटर्स का कनेक्शन तुरंत काटा जाएगा और उन्हें एक साल की अवधि के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स पर नकेल: जानिए कब और कैसे लगेगा 1 साल का बैन?

दूरसंचार नियामक ने टेलीमार्केटिंग गतिविधियों को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए नियमों को बेहद सख्त कर दिया है:

  1. सिम और टेलीकॉम रिसोर्स का निलंबन: यदि किसी सामान्य नंबर से अवैध रूप से बल्क में प्रमोशनल कॉल्स या एसएमएस भेजे जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित टेलीकॉम ऑपरेटर उस नंबर के सभी आउटगोइंग कॉल्स और एसएमएस तुरंत ब्लॉक कर देगा।

  2. 1 साल के लिए पूर्ण ब्लैकलिस्टिंग: नियमों का पहली बार गंभीर उल्लंघन करने पर या जांच में अनधिकृत टेलीमार्केटिंग साबित होने पर उस संस्था या व्यक्ति के नाम पर जारी सभी टेलीकॉम संसाधनों (सिम कार्ड्स) को काट दिया जाएगा। इसके साथ ही, उस नाम/पहचान पर अगले 1 वर्ष तक देश के किसी भी ऑपरेटर द्वारा नया सिम कार्ड जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध (बैन) रहेगा।

  3. 140 और 160 सीरीज का अनिवार्य उपयोग: सभी अधिकृत और पंजीकृत टेलीमार्केटर्स को केवल निर्धारित नंबर सीरीज (जैसे 140 या 160) का ही उपयोग करने का निर्देश है। सामान्य 10 अंकों वाले नंबर से किसी भी प्रकार की ऑटोमेटेड या रोबो कॉलिंग पूरी तरह अवैध मानी गई है।

टेलीकॉम कंपनियों के लिए ब्लॉकचेन और AI आधारित सख्त निगरानी प्रणाली

ट्राई ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अपने 'डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी' (DLT) प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पावर्ड स्पैम डिटेक्शन टूल्स को और अधिक सक्रिय करने का आदेश दिया है। इस तकनीकी तंत्र की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • संदिग्ध पैटर्न की पहचान: यदि किसी व्यक्तिगत नंबर से दिनभर में असामान्य रूप से सैकड़ों कॉल्स की जाती हैं या एक ही समय में बड़े पैमाने पर एसएमएस फॉरवर्ड किए जाते हैं, तो नेटवर्क का एल्गोरिदम उसे तुरंत संदिग्ध श्रेणी में फ्लैग कर देगा।

  • हेडर और कंटेंट का मिलान: बैंकों, वित्तीय संस्थानों और ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा भेजे जाने वाले आधिकारिक संदेशों (ट्रांजेक्शनल और प्रमोशनल) के हेडर का पंजीकृत टेम्पलेट से मिलान अनिवार्य है। अपंजीकृत यूआरएल या एपीके (APK) फाइल लिंक वाले संदेशों को नेटवर्क स्तर पर ही ब्लॉक किया जा रहा है।

स्पैम कॉल से परेशान उपभोक्ता क्या करें? ऐसे दर्ज कराएं अपनी शिकायत

यदि आपको अभी भी अनचाही या फर्जी कॉल्स परेशान कर रही हैं, तो आप इन तरीकों से कार्रवाई सुनिश्चित करा सकते हैं:

  • DND (डू नॉट डिस्टर्ब) सक्रिय करें: अपने फोन के मैसेज बॉक्स में जाकर START 0 लिखकर 1909 पर भेजें। इससे आपके नंबर पर सभी प्रकार की अनचाही प्रमोशनल सेवाएं ब्लॉक हो जाएंगी।

  • 1909 पर शिकायत दर्ज करें: यदि DND सक्रिय होने के बाद भी किसी नंबर से कमर्शियल कॉल आती है, तो कॉल आने के 3 दिनों के भीतर उस नंबर और समय का विवरण लिखकर 1909 पर एसएमएस के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं (प्रारूप: COMP TEL NO, dd/mm/yy, Time)।

  • TRAI DND 3.0 ऐप: उपभोक्ता गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से 'TRAI DND' ऐप डाउनलोड करके सीधे स्पैम कॉल और मैसेज की रिपोर्ट कर सकते हैं, जिससे संबंधित ऑपरेटर पर उस नंबर की जांच करने की कानूनी बाध्यता बन जाती है।

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